बिहार के बोधगया में 20वीं अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग पूजा का शुभारंभ 2 दिसंबर से शुरू होने जा रहा है। त्रिपिटक पूजा के उद्घाटन से पहले बोधगया में विभिन्न मोनस्ट्री द्वारा भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें भगवान बुद्ध की प्रतिमा को साथ लेकर श्रद्धालु कालचक्र मैदान तक पहुंचे।
इस शोभायात्रा में 27 देशों के करीब 20 हजार बौद्ध भिक्षु, भिक्षुणी और श्रद्धालु शामिल हुए। रंग-बिरंगे परिधानों में सज-धज कर हाथों में फूल लिए श्रद्धालु भगवान बुद्ध की उपदेश वाणी “बुद्धं शरणं गच्छामि” का उच्चारण करते हुए चल रहे थे। यात्रा के दौरान विश्व शांति और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की गई।
इस बार यह अंतर्राष्ट्रीय त्रिपिटक चैटिंग सेरेमनी पहली बार भारत में आयोजित की जा रही है। उद्घाटन समारोह बोधगया के महाबोधि मंदिर के बोधि वृक्ष के नीचे किया गया। उद्घाटन समारोह में अरुणाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री पेमा खांडू ने पूजा का उद्घाटन किया, जबकि केन्द्रीय कला एवं संस्कृति मंत्री गजेन्द्र सिंह शेखावत मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
स्लीपिंग बुद्धा के फाउंडर भिक्षु आर्यपाल ने बताया कि यह आयोजन 2 से 12 दिसंबर तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न देशों के बौद्ध भिक्षु-भिक्षुणी पूजा में भाग लेंगे। भिक्षु आर्यपाल ने कहा, “इस बार 27 देशों के 20 हजार से अधिक बौद्ध श्रद्धालु त्रिपिटक पूजा में शामिल हो रहे हैं। इस पूजा में विश्व शांति और समस्त प्राणियों के कल्याण की प्रार्थना की जाएगी। त्रिपिटक पूजा बौद्ध धर्म की महत्वपूर्ण पूजा में से एक है और भगवान बुद्ध की ज्ञान भूमि बोधगया में इसका आयोजन किया जा रहा है।”
