हम और स्टेन स्वामी, जीएन साईबाबा और पांडु नारोटे नहीं चाहते: सीएएसआर ने की ई अबुबकर और ए एस.इस्माईल की रिहाई की मांग

दिल्ली (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) कैम्पेन अगेंस्ट स्टेट रेप्रेशन (सीएएसआर) ने एक प्रेस नोट जारी करते हुए मेडिकल आधार पर पूर्व पीएफआई चेयरमैन ई.अबूबकर और सामाजिक कार्यकर्ता ए.एस. इस्माइल की तत्काल रिहाई की मांग की है। सीएएसआर का कहना है कि ये दोनों कार्यकर्ता पिछले दो वर्षों से अधिक समय से गैरकानूनी गतिविधि (रोकथाम) अधिनियम (UAPA) के तहत तिहाड़ जेल में बंद हैं, जबकि उन पर लगे आरोप मनगढ़ंत हैं।

सीएएसआर ने आरोप लगाया है कि दोनों कार्यकर्ता गंभीर स्वास्थ्य समस्याओं से जूझ रहे हैं और जेल प्रशासन उनकी बुनियादी चिकित्सा आवश्यकताओं को पूरा करने में विफल रहा है। यह उनके जीवन के मौलिक अधिकारों का उल्लंघन है।

सीएएसआर के अनुसार, ए.एस. इस्माइल को हाल ही में तिहाड़ जेल के भीतर गंभीर हेमोरेजिक स्ट्रोक हुआ, जिससे उनके शरीर का दाहिना हिस्सा पूरी तरह से लकवाग्रस्त हो गया। स्ट्रोक के बाद उन्हें अस्पताल ले जाया गया, लेकिन इलाज अधूरा छोड़कर उन्हें जबरन जेल वापस भेज दिया गया। अब उनकी हालत और खराब हो गई है। उनके चलने-फिरने, खाने-पीने, बोलने और सोचने की क्षमता लगभग खत्म हो चुकी है।

ई. अबूबकर, जो एक 72 वर्षीय सेवानिवृत्त शिक्षक, पत्रकार और एक्टिविस्ट हैं, गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं। उन्हें पार्किंसंस, मधुमेह, हाइपरटेंशन और गैस्ट्रोइसोफेगल जंक्शन एडेनोकार्सिनोमा जैसे कैंसर का सामना करना पड़ा है। उनकी सर्जरी और कीमोथेरेपी हो चुकी है, और उन्हें दैनिक जीवन की जरूरतों के लिए सहायक की आवश्यकता होती है। ट्रायल कोर्ट ने उनके इलाज के लिए एम्स में भर्ती करने का निर्देश दिया था, लेकिन समय पर उन्हें भर्ती नहीं कराया गया, जिससे उनकी हालत और खराब हो रही है।

सीएएसआर ने कहा कि दोनों कार्यकर्ताओं की खराब स्थिति जेल प्रशासन और न्यायपालिका की लापरवाही का प्रमाण है। इससे पहले भी स्टेन स्वामी, पांडु नारोटे, और जीएन साईबाबा जैसे कार्यकर्ताओं को उचित स्वास्थ्य सेवाएं और समय पर जमानत न मिलने के कारण अपनी जान गंवानी पड़ी।

सीएएसआर ने यह भी सवाल उठाया कि जहां बलात्कारियों, अपराधियों और कट्टरपंथियों को बार-बार जमानत और पैरोल मिल जाती है, वहीं सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ यह क्रूरता क्यों की जाती है।

सीएएसआर ने कहा कि वह अब स्टेन स्वामी, पांडु नारोटे या जीएन साईबाबा जैसे मामले नहीं बर्दाश्त करेगी। उन्होंने ई. अबूबकर और ए.एस. इस्माइल की तत्काल रिहाई की मांग की है और विभिन्न सामाजिक व राजनीतिक संगठनों से इस अन्याय के खिलाफ आवाज उठाने की अपील की है।

सीएएसआर ने कहा “यह लड़ाई सिर्फ दो व्यक्तियों की नहीं, बल्कि लोकतांत्रिक और न्यायपूर्ण व्यवस्था की रक्षा करने की है,”

मालूम हो कि सीएएसआर में एआईआरएसओ, आईसा, एआईएसएफ, एपीसीआर, एएसए, बापसा, बीएसएम, भीमआर्मी, फोरम अगेंस्ट करप्शन रिपोरेशन तेलंगाना, फ्रेटरनिटी मूवमेंट, इनोसेंट नेटवर्क, कर्नाटक जनशक्ति, मज़दूर अधिकार संगठन, एनटीयूआई, जनपरिषद,रिहाई मंच,समाजवादी जनप्रिषद,यूनाइटेड पीस एलायंस,एसएफआई जैसे संगठन शामिल हैं

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