इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार के ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर सड़क सुविधा से जोड़ने के लिए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार एक बड़ी योजना की शुरुआत करने जा रहे हैं। मुख्यमंत्री शुक्रवार को मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना (CMGSY) और प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना (PMGSY) के तहत 21,406.39 करोड़ रुपये की लागत वाली 16,811 योजनाओं का शिलान्यास एवं उद्घाटन करेंगे।
इन योजनाओं के तहत प्रदेश के सभी 38 जिलों में ग्रामीण सड़कों, संपर्क मार्गों और पुलों का निर्माण किया जाएगा, जिससे करीब 25,000 किलोमीटर की लंबाई में सड़कें बनेंगी या उनकी मरम्मत की जाएगी।
इन परियोजनाओं के पूरा होने से राज्य के दूर-दराज़ के गांवों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी और लगभग 3 करोड़ ग्रामीण आबादी को प्रत्यक्ष लाभ पहुंचेगा। इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र में भी व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा।
मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, यह अब तक की सबसे बड़ी ग्रामीण सड़क परियोजना है, जिसमें हजारों सड़कों के साथ-साथ छोटे-बड़े पुलों और संपर्क मार्गों का भी निर्माण किया जाएगा
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, बीते दो वर्षों में मुख्यमंत्री ग्रामीण संपर्क योजना के तहत 2,070 किलोमीटर सड़कों का निर्माण पहले ही किया जा चुका है। इस दौरान 2,941 किलोमीटर सड़क निर्माण के लिए 1,538.56 करोड़ रुपये की लागत स्वीकृत की गई थी। अब यह नया चरण ग्रामीण विकास को और गति देगा।
सरकार ने योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी के लिए विशेष तंत्र विकसित किया है। हर योजना की जिला स्तर से लेकर राज्य मुख्यालय तक निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा मोबाइल एप और वेबसाइट के जरिए आम लोग भी सड़क निर्माण की स्थिति की जानकारी ले सकेंगे और शिकायत कर सकेंगे।
मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कहा कि “सड़क ही विकास की रीढ़ होती है। जब तक गांव तक पक्की सड़कें नहीं पहुंचेंगी, तब तक असली विकास अधूरा रहेगा। हमारी सरकार की प्राथमिकता है कि 2026 तक बिहार के सभी गांवों को पक्की सड़कों से जोड़ दिया जाए।”
इन योजनाओं के पूरा होने के बाद राज्य के अधिकांश गांव मुख्य बाजारों, स्कूलों, अस्पतालों और शहरी केंद्रों से बेहतर रूप से जुड़ जाएंगे। साथ ही किसानों को अपनी उपज बाजार तक पहुँचाने में सहूलियत होगी और आपातकालीन सेवाओं का लाभ भी ग्रामीण इलाकों में समय पर पहुँच सकेगा।
नीतीश सरकार की यह पहल बिहार के ग्रामीण परिदृश्य को बदलने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम मानी जा रही है। 21 हजार करोड़ रुपये से अधिक की यह योजना न केवल सड़क निर्माण तक सीमित है, बल्कि यह गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ने का माध्यम भी बनेगी।
