इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर कांग्रेस ने अपनी चुनावी रणनीति को धार देने के लिए दिल्ली स्थित अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के नए कार्यालय इंदिरा भवन में एक अहम बैठक आयोजित की। बैठक की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने की, जिसमें बिहार कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं ने भाग लिया। इस दौरान आगामी चुनाव में भाजपा-एनडीए को हराने और INDIA गठबंधन को मजबूत करने को लेकर गहन चर्चा हुई।
बैठक में मौजूद कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और उत्तर प्रदेश कांग्रेस के सचिव-प्रभारी तौकीर आलम ने कहा, “फिरकापरस्त और संविधान विरोधी ताकतों को हराना ही हमारा एकमात्र लक्ष्य है।” उन्होंने कहा कि बिहार में कांग्रेस, राजद, वाम दलों और अन्य सहयोगी दलों ने एकजुट होकर भाजपा-जदयू सरकार को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी कर ली है।
तौकीर आलम ने जोर देकर कहा कि गठबंधन के सभी घटकों को जिला और प्रखंड स्तर पर मजबूत किया जाएगा ताकि अधिक से अधिक सीटों पर INDIA गठबंधन की जीत सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने मांग की कि गठबंधन के भीतर जिला और प्रखंड स्तर पर समन्वय समिति का गठन किया जाए, जिससे मजबूत दलों को नेतृत्व करने का अवसर मिले और भाजपा-नीतीश सरकार के खिलाफ साझा संघर्ष को धार दी जा सके।
बैठक में कांग्रेस संगठन महासचिव के. सी. वेणुगोपाल, बिहार प्रभारी कृष्णा अल्लावरु, प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम, सीएलपी लीडर शकील अहमद खान, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष मीरा कुमार, कांग्रेस सांसद तारिक अनवर, विधान परिषद में कांग्रेस के नेता मदन मोहन झा, सांसद मो. जावेद समेत कई वरिष्ठ नेता शामिल हुए।
INDIA गठबंधन के सभी घटक दल मिलकर लड़ेंगे चुनाव
बैठक में नेताओं ने इस बात पर सहमति जताई कि भाजपा-एनडीए के खिलाफ कांग्रेस और उसके सहयोगी दल जनता के मुद्दों को लेकर एकजुट संघर्ष करेंगे। बिहार में महंगाई, बेरोजगारी, सांप्रदायिक राजनीति और भ्रष्टाचार के खिलाफ जनता में आक्रोश है, जिसे संगठित विरोध में बदलना जरूरी है। कांग्रेस हाईकमान ने भी स्पष्ट संदेश दिया कि गठबंधन के सभी दलों को बूथ स्तर तक अपनी पकड़ मजबूत करनी होगी और समन्वित रूप से चुनावी मैदान में उतरना होगा।
बिहार में भाजपा-जदयू को सत्ता से बेदखल करने की तैयारी
तौकीर आलम ने कहा कि “अगर गठबंधन का कोई भी घटक दल कमजोर पड़ता है, तो इसका नुकसान पूरे गठबंधन को उठाना पड़ेगा। इसलिए हमें संगठित होकर और ठोस रणनीति के साथ मैदान में उतरना होगा।” उन्होंने कहा कि गठबंधन की मजबूती के लिए सभी दलों को अपने-अपने इलाकों में जनसंपर्क अभियान तेज करना होगा, जिससे भाजपा-एनडीए को सत्ता से बाहर किया जा सके।
बिहार में विधानसभा चुनाव का बिगुल बज चुका है, और कांग्रेस ने अपनी रणनीति को धार देने के लिए कमर कस ली है। आने वाले महीनों में यह देखना दिलचस्प होगा कि INDIA गठबंधन भाजपा और जदयू के खिलाफ कितनी मजबूती से चुनावी मुकाबला करता है।