इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
सोमवार रात आदियामंगलम गांव में 28 वर्षीय दलित युवक के. वैरामुथु की निर्मम हत्या ने इलाके में तनाव फैला दिया। वैरामुथु परीयर समुदाय से थे और पिछले दस वर्षों से मलिनी (26) के साथ प्रेम संबंध में थे। मलिनी के पिता दलित समुदाय से हैं, जबकि उनकी मां विजया, पिछड़ी जाति (चेट्टियार) से, इस रिश्ते का विरोध करती थीं।
सोमवार रात लगभग 10:30 बजे वैरामुथु अपनी बाइक से घर लौट रहे थे, तभी एक समूह ने उन पर हमला कर दिया। उन्हें सिकल से गंभीर चोटें आईं और मयिलादुतुरई सरकारी अस्पताल ले जाते समय उनकी मौत हो गई। पुलिस के अनुसार, 14 सितंबर को परिवारों की बैठक हुई थी जिसमें मलिनी ने कहा था कि वह वैरामुथु से शादी करना चाहती हैं। इस दौरान परिजनों ने लिखित रूप से सहमति दी थी कि वे शादी में हस्तक्षेप नहीं करेंगे।
पुलिस ने इस मामले में मलिनी की मां विजया, उनके बेटे गुगन और गुनाल तथा रिश्तेदार अनबुनिधि और भास्कर को हिरासत में लिया है। विजया पर SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने जांच के लिए चार विशेष टीमें गठित की हैं।
हत्या के विरोध में लगभग 150 लोग सड़क पर उतर आए। इनमें मलिनी, वैरामुथु के परिवार और राजनीतिक व सामाजिक संगठन CPI(M), DYFI, VCK तथा तमिलनाडु अस्पृश्यता उन्मूलन मोर्चा के सदस्य शामिल थे। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों की गिरफ्तारी, मृतक परिवार को मुआवजा और दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग की। शव को तब ही अंतिम संस्कार के लिए दिया गया जब विजया की गिरफ्तारी की पुष्टि हुई।
मलिनी ने कहा कि उसने अपने माता-पिता से कहा था कि वह वैरामुथु से शादी करेगी। उन्होंने लिखा कि उनके माता-पिता ने उन्हें लिखित में त्याग दिया और अब उन्हीं लोगों ने उनके दस साल के प्यार को मार डाला। मलिनी ने कहा कि दोषियों में उनकी मां, भाई और रिश्तेदार शामिल हैं और सभी को सख्त सजा मिलनी चाहिए।
CPI(M) के राज्य सचिव पी. शन्मुगम ने इस हत्या को जातिगत हत्या करार दिया और पुलिस की लापरवाही पर सवाल उठाए। DYFI ने आरोप लगाया कि SC/ST एक्ट के तहत मामला दर्ज करने में देरी की गई। यह घटना तमिलनाडु में हाल के महीनों में बढ़ी ऑनर किलिंग और जातिगत हिंसा पर एक बार फिर सवाल खड़ा करती है।
पुलिस मामले की गहन जांच कर रही है और गिरफ्तारी के दायरे में अन्य संभावित आरोपियों को भी शामिल किया जा सकता है।
