अमेरिकी न्याय विभाग (DOJ) ने गुरुवार को जेफ्री एपस्टीन से जुड़े 3.5 मिलियन पेज और मीडिया दस्तावेज़ सार्वजनिक किए। इन फाइलों में एक महिला के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर यौन उत्पीड़न के गंभीर आरोपों का विवरण भी शामिल है। DOJ का कहना है कि ये दस्तावेज़ पहले गलती से “डुप्लिकेट” के रूप में चिह्नित होने के कारण सार्वजनिक नहीं किए गए थे।
नए दस्तावेज़ों में FBI के 2019 के इंटरव्यू नोट्स (302 मेमो) शामिल हैं। महिला ने आरोप लगाया कि एपस्टीन ने उसे 13–15 वर्ष की उम्र में ट्रंप से मिलवाया और ट्रंप ने उसके साथ यौन उत्पीड़न करने का प्रयास किया। महिला ने विरोध किया, लेकिन ट्रंप ने कथित रूप से दबाव डाला।
इसके अलावा, महिला और उसके करीबी लोगों को वर्षों तक धमकी भरे फोन और संदेश मिले, जिन्हें उन्होंने एपस्टीन से जुड़े होने का कारण माना। FBI एजेंटों ने महिला से चार बार बातचीत की, लेकिन अंतिम साक्षात्कार में महिला ने आगे जानकारी देने से इनकार कर दिया। DOJ ने स्पष्ट किया है कि ये आरोप असत्यापित हैं और न तो कोर्ट में साबित हुए हैं, न ही किसी आपराधिक मामले में शामिल हैं।
DOJ ने अब तक लगभग 3.5 मिलियन पेज सार्वजनिक किए हैं, लेकिन करीब 48,000 दस्तावेज़ अब भी समीक्षा के लिए रोके गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि इनमें कई ट्रंप से जुड़े आरोप और गवाह इंटरव्यू हो सकते हैं, जो भविष्य में और खुलासे कर सकते हैं।
राजनीतिक प्रतिक्रिया मिश्रित रही। व्हाइट हाउस ने आरोपों को “बेबुनियाद और बिना प्रमाण” बताया, जबकि ट्रंप ने इन दावों को पूरी तरह खारिज किया। कांग्रेस में कुछ डेमोक्रेट और रिपब्लिकन सांसद DOJ पर Transparency Act के तहत दस्तावेज़ समय पर सार्वजनिक न करने का आरोप लगा रहे हैं। पीड़ितों और वकालत समूहों ने कहा कि कानून का उद्देश्य केवल दस्तावेज़ दिखाना नहीं, बल्कि सच्चाई और जवाबदेही लाना है।
अमेरिकी न्याय विभाग अगले कुछ दिनों में लगभग 48,000 अतिरिक्त दस्तावेज़ जारी करने की संभावना जता चुका है। यह मामला अमेरिका में राजनीतिक, कानूनी और नैतिक बहसों का केंद्र बना हुआ है। एपस्टीन फाइल्स का नवीनतम खुलासा केवल दस्तावेज़ रिलीज़ नहीं है, बल्कि यह अमेरिका की शासन प्रणाली, न्याय प्रक्रिया और उच्च‑स्तरीय शक्तियों के बीच संबंधों पर गंभीर सवाल उठाता है।