अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने ईरान के नेतृत्व को लेकर बड़ा बयान देते हुए कहा है कि वह “आयतुल्लाह खामेनेई से बेहतर किसी व्यक्ति” की तलाश में नहीं हैं, बल्कि ऐसा नेतृत्व चाहते हैं जो “देश को जनता के लिए वापस ला सके।”
ट्रंप ने कहा कि अमेरिका का उद्देश्य किसी खास व्यक्ति को सत्ता में लाना नहीं है। उन्होंने कहा कि ईरान की जनता आर्थिक संकट और अंतरराष्ट्रीय अलगाव का सामना कर रही है, इसलिए जरूरत ऐसे नेतृत्व की है जो देश को स्थिरता और समृद्धि की दिशा में ले जा सके।
रेजीम चेंज पर बदला स्वर?
ईरान के सर्वोच्च नेता अली खामनेई 1989 से सत्ता में थे और देश की राजनीतिक व सैन्य नीतियों पर उनका व्यापक नियंत्रण था। ट्रंप के पहले कार्यकाल में अमेरिका ने 2018 में Joint Comprehensive Plan of Action से बाहर निकलकर ईरान पर कड़े आर्थिक प्रतिबंध लगाए थे, जिसके बाद दोनों देशों के संबंधों में भारी तनाव पैदा हुआ था जो कि अभी के युद्ध तक भी पहुंचा है।
हालिया बयान को विशेषज्ञ अमेरिकी नीति के स्वर में बदलाव के संकेत के रूप में देख रहे हैं। उनका मानना है कि ट्रंप सार्वजनिक रूप से प्रत्यक्ष ‘रेजीम चेंज’ की मांग से दूरी बनाते दिख रहे हैं, हालांकि ईरान की मौजूदा व्यवस्था की आलोचना जारी है।
क्षेत्रीय असर संभव
ट्रंप का यह बयान केवल राजनीतिक टिप्पणी नहीं, बल्कि जंग के बजाय कूटनीति की ओर जाने का संदेश भी हो सकता है। अमेरिका एक ओर ईरान पर दबाव बनाए रखना चाहता है, वहीं दूसरी ओर वह खुलकर किसी वैकल्पिक नेता का समर्थन करने से बच रहा है।