मध्य पूर्व में अमेरिका‑इज़राइल और ईरान के बीच युद्ध अब चरम पर पहुँच चुका है। शुरू में सीमित हवाई हमलों और ड्रोन हमलों से शुरू हुआ संघर्ष अब इराक़ के भीतर, खाड़ी के जलमार्गों में और वैश्विक ऊर्जा बाजार में गंभीर संकट पैदा कर चुका है।
इराक़ में युद्ध का विस्तार
इराक़ के कुर्दिस्तान क्षेत्र में बशमाक सीमा चौक के पास हालिया तस्वीरें युद्ध की गंभीरता को दर्शाती हैं। अमेरिकी ठिकानों पर तेहरान समर्थित समूहों ने ड्रोन और मिसाइल हमले तेज़ कर दिए हैं।
इराक़ विदेश मंत्री फ़ुआद हुसेन ने बगदाद में कहा, “हमारा देश अब सीधे इस संघर्ष से प्रभावित हो रहा है। हमले दोनों तरफ़ से हो रहे हैं।”
कुर्दिस्तान में अमेरिकी कांसुलेट के पास एक आत्मघाती ड्रोन को रोका गया, जबकि एक ईरानी क्यूर्द पार्टी के सदस्य की मौत हुई। अमेरिकी कूटनीतिक केंद्र पर छह ड्रोन हमले हुए, जिसमें से एक ने facility को निशाना बनाया।
ईरान का जवाब और मिसाइल हमले
ईरानी इंटरनल क्रांतिकारी गार्ड कोर (IRGC) ने अल-हरिर एयरबेस सहित अमेरिकी ठिकानों पर मिसाइल और ड्रोन हमले किए। कुछ ईरान समर्थित मिलिशिया समूह, जैसे काताइब इमाम अली, ने अमेरिकी हवाई हमलों में अपने चार सदस्यों की मौत और 12 घायल होने की पुष्टि की।
खाड़ी में हमले और तेल टैंकरों पर हमला
इराक़ के अल‑फाव बंदरगाह के पास दो विदेशी तेल टैंकर — Safesea Vishnu और Zefyros — को विस्फोटक‑भरे नौकाओं से निशाना बनाया गया। आग में कम से कम एक चालक दल सदस्य की मौत हुई, जबकि बाकी को सुरक्षित निकाला गया।
साथ ही, स्ट्रेट ऑफ़ होर्मुज़ में तीन अन्य वाणिज्यिक जहाज़ अज्ञात प्रोजेक्टाइल से प्रभावित हुए। ईरान ने इस संवेदनशील जलमार्ग में लगभग एक दर्जन माइनें बिछाई हैं, जिससे वैश्विक तेल परिवहन जोखिमपूर्ण बन गया है।
अमेरिकी सैनिकों की स्थिति
अमेरिका ने पुष्टि की है कि लगभग 140 सैनिक घायल हुए हैं, जिनमें अधिकांश मामूली घायल हैं और 108 वापस ड्यूटी पर लौट चुके हैं। अब तक सात अमेरिकी सेवा सदस्य मारे जा चुके हैं।
इराक़ में राजनीतिक और सामरिक कारण
विश्लेषकों का कहना है कि इराक़ की राजनीतिक अस्थिरता, अलग-अलग मिलिशियाओं का प्रभाव और विदेशी शक्तियों का हस्तक्षेप इसे युद्ध का केंद्र बना रहे हैं। इरान अपने हितों की सुरक्षा के लिए राज्य के भीतर शक्ति संतुलन को प्रभावित कर रहा है, जबकि अमेरिका इसे युद्ध का प्रक्षेपण स्थल बनने से रोकना चाहता है।
खाड़ी में सामान्य नागरिक और संपत्ति पर असर
बहरीन में अमेरिकी नौसैनिक बेड़े के पास ईरानी ड्रोन हमले में सैकड़ों लोग घायल हुए, बच्चों सहित।
ओमान के सलालाह बंदरगाह में तेल भंडारण सुविधा पर ड्रोन हमला हुआ, जिससे भयंकर आग लगी।
कतर, सऊदी अरब और यूएई ने मिसाइल और ड्रोन हमलों का जवाब दिया।
तेल की आपूर्ति बाधित होने से ब्रेंट क्रूड की कीमतें लगभग 20% बढ़ गई हैं, जिससे वैश्विक ईंधन दरें और वित्तीय बाजार अस्थिर हुए हैं।
यह युद्ध अब केवल अमेरिका और ईरान के बीच नहीं रहा!इराक़ की संप्रभुता, खाड़ी के तेल मार्गों की सुरक्षा और वैश्विक ऊर्जा स्थिरता इस संघर्ष से गहरे प्रभावित हो रहे हैं। युद्ध के यह कई आयाम — सैन्य, राजनीतिक और आर्थिक — सभी स्तरों पर दुनिया को झकझोर रहे हैं।