इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की 2023 की रिपोर्ट में खुलासा हुआ है कि देशभर में 24,678 रेल दुर्घटनाएँ हुईं, जिनमें 21,803 लोगों की जान गई। यह पिछले साल की तुलना में करीब 6.7% की वृद्धि है।
महाराष्ट्र में कुल 5,559 रेल हादसे दर्ज हुए, जो पूरे देश का 22.5% हैं। यहाँ 3,445 लोग मारे गए और 2,115 घायल हुए। मुंबई की उपनगरीय रेल नेटवर्क और पश्चिमी रेलवे की भीड़ इसके मुख्य कारण माने जा रहे हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, हादसों का मुख्य कारण यात्री गिरना या ट्रैक पार करते समय टकराव था। कुल 18,480 मामले इसी श्रेणी में आते हैं, जिनमें 15,878 मौतें हुईं। महाराष्ट्र ने इन मामलों में सबसे ज्यादा 5,507 घटनाओं की हिस्सेदारी दर्ज की।
अन्य राज्यों में रेल क्रॉसिंग हादसों का डर
उत्तर प्रदेश: 1,025 हादसे (41.3%), 1,007 मौतें
पश्चिम बंगाल: 805 हादसे, 581 मौतें
मध्य प्रदेश: 375 हादसे, 375 मौतें
इन तीन राज्यों में देशभर के रेल क्रॉसिंग हादसों का लगभग 88% हिस्सा आया।
सबसे ज्यादा हादसे शाम 6 बजे से 9 बजे के बीच (3,771 मामले) और सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे के बीच (3,693 मामले) हुए। महाराष्ट्र ने दोनों समय स्लॉट में सबसे ज्यादा घटनाएं दर्ज कीं।
अन्य आंकड़े
ड्राइवर की गलती: 56 मामले
यांत्रिक दोष: 43 मामले
कुल घायल: 3,014
विशेषज्ञों का कहना है कि इन हादसों को रोकने के लिए रेल सुरक्षा में सुधार, यात्री जागरूकता अभियान, और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर की जरूरत है। रेलवे मंत्रालय और राज्य सरकारों को मिलकर यात्री सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देनी होगी।
