देश की सुरक्षा एजेंसियों ने एक अहम कार्रवाई करते हुए भारतीय वायु सेना के स्टाफ सदस्य सुमित कुमार और भारतीय नौसेना के लांस नायक आदर्श कुमार को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के लिए कथित जासूसी करने के आरोप में गिरफ्तार किया है। इस मामले को राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर खतरा मानते हुए जांच एजेंसियों ने व्यापक स्तर पर पड़ताल शुरू कर दी है।
गिरफ्तार आरोपियों की गतिविधियों की जांच में सामने आया कि दोनों ने विदेशी नंबरों और संदिग्ध सोशल मीडिया अकाउंट्स के जरिए संपर्क बनाए रखा। एजेंसियों को शक है कि उन्हें हनी ट्रैप और आर्थिक प्रलोभन के माध्यम से जाल में फंसाया गया।
सूत्रों के मुताबिक, आरोपियों ने सैन्य ठिकानों, तैनाती और ऑपरेशनल गतिविधियों से जुड़ी संवेदनशील सूचनाएं साझा की हो सकती हैं। हालांकि, अब तक किसी बड़े रणनीतिक नुकसान की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
जांच एजेंसियां आरोपियों के बैंक खातों और डिजिटल लेन-देन की भी गहन पड़ताल कर रही हैं। शुरुआती रिपोर्टों में विदेशी स्रोतों से छोटे-छोटे भुगतान और गिफ्ट वाउचर की बात सामने आई है।
सुरक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि यह मामला केवल दो व्यक्तियों तक सीमित नहीं हो सकता और इसके पीछे एक संगठित जासूसी नेटवर्क सक्रिय होने की संभावना है। फिलहाल, पूरे नेटवर्क का खुलासा करने के लिए एजेंसियां सतत जांच में जुटी हैं।
रक्षा प्रतिष्ठानों में सुरक्षा प्रोटोकॉल कड़ा कर दिया गया है। जवानों को अज्ञात संपर्कों और सोशल मीडिया पर सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। सरकारी सूत्रों ने कहा है कि “राष्ट्रीय सुरक्षा सर्वोपरि है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।”