मध्य‑पूर्व में जारी युद्ध ने खाड़ी देशों में तनाव बढ़ा दिया है। बहरीन के राजा हामद बिन ईसा अल खलीफा ने ईरान द्वारा बहरीन और अन्य अरब देशों पर किए गए “अभूतपूर्व हमलों” की कड़ी निंदा की और कहा कि इन हमलों को किसी भी बहाने से न्यायोचित नहीं ठहराया जा सकता।
राजा हामद ने अपने संबोधन में कहा कि बहरीन और उसके “भाई‑मित्र अरब राष्ट्रों” पर किए गए हमलों ने क्षेत्रीय शांति और स्थिरता के लिए गंभीर खतरा पैदा किया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी राजनीतिक या सैन्य तर्क के आधार पर इस कार्रवाई को सही नहीं ठहराया जा सकता।
मिसाइल और ड्रोन हमलों ने बढ़ाई सुरक्षा चिंताएँ
फरवरी के अंत से शुरू हुए संघर्ष में ईरान ने बहरीन, कुवैत, सऊदी अरब और अन्य खाड़ी देशों पर कई मिसाइल और ड्रोन हमले किए हैं। इन हमलों का जवाब ईरान ने अमेरिका और इज़रायल की सैन्य कार्रवाइयों के रूप में बताया।
रिपोर्टों के अनुसार, बहरीन की राजधानी मनामा और अन्य इलाकों में कई बार विस्फोटों की आवाज़ें सुनी गईं। देश की वायु‑रक्षा प्रणालियों ने दर्जनों मिसाइलों और ड्रोन को रोकने का दावा किया है।
तेल रिफाइनरी और नागरिक ठिकानों को भी निशाना
सितरा क्षेत्र में स्थित तेल रिफाइनरी और जल शोधन संयंत्र (डिसैलिनेशन प्लांट) हमलों से प्रभावित हुए। इस हमले में दर्जनों लोग घायल हुए और बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुँचा।
अमेरिकी सैन्य ठिकानों पर भी खतरा
बहरीन में अमेरिकी नौसेना के फिफ्थ फ्लीट मुख्यालय की मौजूदगी इसे रणनीतिक दृष्टि से संवेदनशील बनाती है। रिपोर्टों के अनुसार, ईरान समर्थित हमलों में अमेरिकी ठिकानों और उनसे जुड़े इलाकों को भी निशाना बनाया गया।
खाड़ी देशों ने जताई चिंता
खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों ने इन हमलों की निंदा की है और सुरक्षा को लेकर अलर्ट जारी किया। विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह संघर्ष जारी रहता है तो पूरा खाड़ी क्षेत्र व्यापक युद्ध की चपेट में आ सकता है।
बहरीन शांति और स्थिरता का समर्थक
राजा हामद ने अपने संबोधन में दोहराया कि बहरीन शांति, संवाद और स्थिरता की नीति पर कायम रहेगा। उन्होंने कहा कि देश अपनी संप्रभुता और नागरिकों की सुरक्षा की रक्षा के लिए हर आवश्यक कदम उठाएगा।