इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
जन सुराज के संस्थापक प्रशांत किशोर ने आज बिहार सत्याग्रह आश्रम, पटना में आयोजित एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में पटना यूनिवर्सिटी छात्र संघ चुनाव के लिए अपनी संगठन के उम्मीदवारों की घोषणा की। उन्होंने बताया कि जन सुराज की ओर से अध्यक्ष पद के लिए देवेश दीनू, उपाध्यक्ष पद के लिए मोहम्मद दानिश वसीम (रूहान), महासचिव पद के लिए रितंभना राय, संयुक्त सचिव पद के लिए अन्नू कुमारी और कोषाध्यक्ष पद के लिए बृजेश कुमार को उम्मीदवार बनाया गया है।
पटना यूनिवर्सिटी की बदहाली के लिए नीतीश कुमार और बीजेपी जिम्मेदार: प्रशांत किशोर
प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रशांत किशोर ने कहा कि पटना यूनिवर्सिटी का शैक्षणिक स्तर पिछले दो दशकों में बुरी तरह गिर चुका है और इसके लिए सीधे तौर पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) जिम्मेदार हैं। उन्होंने कहा “15-20 साल पहले पटना यूनिवर्सिटी के छात्र सीधे आईएएस और आईपीएस परीक्षाओं में सफल होते थे, लेकिन आज इस यूनिवर्सिटी की शैक्षणिक गुणवत्ता पूरी तरह बर्बाद हो चुकी है। इसकी सबसे बड़ी वजह सरकार की शिक्षा के प्रति उदासीनता है।”
प्रशांत किशोर ने याद दिलाया कि 2017 में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का वादा किया था, लेकिन आज तक वह वादा पूरा नहीं हुआ। उन्होंने कहा “बीजेपी को पटना यूनिवर्सिटी को केंद्रीय विश्वविद्यालय बनाने का अपना वादा याद रखना चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा था कि हम पटना यूनिवर्सिटी को अंतरराष्ट्रीय स्तर की यूनिवर्सिटी बनाएंगे, लेकिन न तो इसे केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा मिला और न ही यह अंतरराष्ट्रीय विश्वविद्यालय बनी, बल्कि इसका हाल और भी बदतर हो गया।”
पटना यूनिवर्सिटी की प्रतिष्ठा मेट्रो प्रोजेक्ट के नाम पर तबाह
प्रशांत किशोर ने पटना यूनिवर्सिटी के इंफ्रास्ट्रक्चर को नुकसान पहुंचाने के लिए भी सरकार को कटघरे में खड़ा किया। उन्होंने कहा “क्या दिल्ली यूनिवर्सिटी को तोड़कर वहां कभी मेट्रो बनाई जा सकती है? नहीं! लेकिन पटना यूनिवर्सिटी के साइंस डिपार्टमेंट की इमारत को मेट्रो बनाने के लिए तोड़ दिया गया। यह सिर्फ बिहार में ही संभव है, और इसके लिए मैं नीतीश कुमार और उनके सहयोगी बीजेपी को जिम्मेदार मानता हूं।”
छात्रों के बेहतर भविष्य के लिए जन सुराज का संकल्प
प्रशांत किशोर ने कहा कि जन सुराज छात्रों के हित में मजबूत आवाज बनेगा और पटना यूनिवर्सिटी को उसका खोया हुआ सम्मान दिलाने के लिए हर संभव प्रयास करेगा। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे जन सुराज के उम्मीदवारों को जिताकर यूनिवर्सिटी के विकास के लिए काम करने वाले लोगों को आगे बढ़ाएं।
