अफगानिस्तान और पाकिस्तान की सीमा पर तनाव पिछले कुछ दिनों से लगातार बढ़ रहा है। दरंड रेखा के नज़दीकी क्षेत्रों में गोलीबारी, ड्रोन हमले और सैन्य ऑपरेशनों ने स्थिति को युद्ध जैसी बना दिया है। स्थानीय मीडिया के अनुसार, पाकिस्तानी सेना ने शोरबाक (कंधार) और शमेलजई (ज़ाबुल) जिलों में गोलियां चलाईं, जबकि अफगान सुरक्षा बलों ने कड़ी जवाबी कार्रवाई की।
सीमा पर रातभर गोलीबारी
मीडिया के मुताबिक संघर्ष लगभग एक घंटे तक चला। अफगान बलों ने पाकिस्तान की गोलाबारी का जवाब देते हुए कई गोले नष्ट किए। अभी तक हताहतों की पुष्टि नहीं हो पाई है।
ड्रोन हमले और नुकसान
अफगान खालिद बिन वलीद पूर्वी ज़ूल कोर के अनुसार, पाकिस्तानी टोही ड्रोन को नष्ट कर दिया गया। पुलिस ने बताया कि ड्रोन गिरने के बाद आग लग गई। यह घटना दोनों देशों के बीच तकनीकी युद्ध की गंभीर तस्वीर पेश करती है।
अफगान सेना का “काउंटर ऑपरेशन”
अफगान रक्षा मंत्रालय ने कहा कि ऑपरेशन “काउंटर ऑपरेशन” के तहत कंधार क्षेत्र में पाकिस्तानी सैनिकों को भारी नुकसान उठाना पड़ा। अफगान बलों ने बड़ी संख्या में हथियार, दूरसंचार उपकरण और गोला‑बारूद भी जब्त किए।
पाकिस्तान ने इसके जवाब में “Operation Ghazab‑lil‑Haq” के तहत सैकड़ों अफगान लड़ाकों और कई चौकियों को नष्ट करने का दावा किया है।
नागरिकों पर भीषण असर
संघर्ष के कारण कम से कम 42 नागरिक मारे गए और 104 घायल हुए। अफगान सरकारी आंकड़ों के अनुसार मरने वालों की संख्या 110 तक पहुँच चुकी है, जिसमें महिलाएं और बच्चे भी शामिल हैं। लगभग 20,000 परिवार विस्थापित हुए हैं और उन्हें राहत सामग्री की कमी का सामना करना पड़ रहा है।
सामाजिक और राजनीतिक प्रतिक्रिया
कुंदुज़, पकतिका और पतिया के विभिन्न इलाकों में नागरिकों ने पाकिस्तान के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किए। प्रदर्शनकारियों ने अफगान सुरक्षा बलों के साथ एकजुटता जताई।
अफगान उप प्रवक्ता हमदुल्लाह फतरात ने कहा कि युद्ध कभी भी अफगानिस्तान का प्राथमिक विकल्प नहीं रहा है, और अफगान सेना अपने देश की रक्षा में तत्पर है।
अंतर्राष्ट्रीय चिंता
तुर्की, संयुक्त राष्ट्र और कतर जैसी वैश्विक शक्तियां संघर्ष विराम की कोशिश कर रही हैं। अंतरराष्ट्रीय समुदाय ने सीमा पर जारी तनाव को गंभीर सुरक्षा खतरे के रूप में देखा है।
कंधार और ज़ाबुल प्रांत में यह टकराव अब सिर्फ सीमावर्ती गोलीबारी नहीं रह गया है, बल्कि यह व्यापक सैन्य संघर्ष और नागरिक हानि का मामला बन गया है। हालात पर नजर रखने वाले अंतरराष्ट्रीय संगठन और दोनों देशों की जनता स्थिति पर गहरी चिंता जता रही है।