राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने गुरुवार को देश के नौ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में राज्यपालों के फेरबदल की घोषणा की। इसी सूची में लेफ्टिनेंट जनरल (रिटायर्ड) सैयद अता हसनैन को बिहार का नया राज्यपाल नियुक्त किया गया है। वे मौजूदा राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान का स्थान लेंगे और जल्द ही राजभवन में शपथ लेकर पदभार संभालेंगे।
सैयद अता हसनैन भारतीय सेना के वरिष्ठ और प्रतिष्ठित अधिकारी रहे हैं। उन्होंने 1974 में इंडियन मिलिट्री एकेडमी से कमीशन प्राप्त किया और चार दशकों तक सेवा की। कश्मीर में उनकी सैन्य विशेषज्ञता के चलते उन्होंने श्रीनगर स्थित 15 कोर (चिनार कॉर्प्स) और 21 कोर की कमान संभाली। उनके योगदान को देखते हुए उन्हें परम विशिष्ट सेवा मेडल (PVSM), उत्तम युद्ध सेवा मेडल (UYSM), अति विशिष्ट सेवा मेडल (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया गया।
शैक्षणिक रूप से भी हसनैन काफी प्रभावशाली रहे हैं। उन्होंने नैनीताल के शेरवुड कॉलेज से शिक्षा ग्रहण की, दिल्ली यूनिवर्सिटी से उच्च शिक्षा हासिल की, और लंदन के रॉयल कॉलेज ऑफ डिफेंस स्टडीज तथा हवाई के एशिया-पैसिफिक सेंटर फॉर सिक्योरिटी स्टडीज में भी अध्ययन किया।
सेवानिवृत्ति के बाद हसनैन शिक्षा और रणनीतिक मामलों से जुड़े रहे। 2018 में उन्हें सेंट्रल यूनिवर्सिटी ऑफ कश्मीर का चांसलर बनाया गया। वे राष्ट्रीय सुरक्षा और भू-राजनीतिक मुद्दों पर सक्रिय कॉमेंटेटर के रूप में भी चर्चित रहे हैं।
विशेषज्ञ मानते हैं कि बिहार में राजभवन का यह बदलाव संवैधानिक प्रक्रियाओं और राज्य की राजनीति में अनुभव व नेतृत्व क्षमता जोड़ने वाला कदम है। राज्यपाल का पद विधानसभा सत्र बुलाने, सरकार गठन और संवैधानिक दायित्वों में केंद्रीय भूमिका निभाता है।
इस नियुक्ति के साथ ही पश्चिम बंगाल, महाराष्ट्र, नागालैंड सहित अन्य आठ राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी नए राज्यपालों की नियुक्ति की गई है।