समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव ने कहा है कि देश में यदि कोई नेता भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को प्रभावी चुनौती दे रहा है, तो वह पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस प्रमुख ममता बनर्जी हैं। उन्होंने ममता बनर्जी के नेतृत्व और संघर्ष की सराहना करते हुए कहा कि विपक्ष की लड़ाई में उनकी भूमिका निर्णायक है।
मंगलवार को कोलकाता में ममता बनर्जी से मुलाकात के बाद मीडिया से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “पूरे देश में अगर कोई भाजपा से सीधे टकरा रहा है, तो वह ममता बनर्जी हैं। मैं दीदी को जनता के हक़ में मजबूती से खड़े रहने के लिए बधाई देता हूं।”
अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) और केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) भाजपा की राजनीतिक इकाइयों की तरह काम कर रही हैं। उन्होंने दावा किया कि महाराष्ट्र में चुनावों के दौरान इन एजेंसियों का व्यापक इस्तेमाल किया गया, लेकिन पश्चिम बंगाल में ममता बनर्जी ने राजनीतिक दबावों का डटकर सामना किया है।
इस दौरान अखिलेश यादव ने विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) प्रक्रिया पर भी गंभीर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि SIR के नाम पर मतदाताओं को परेशान किया जा रहा है और यह प्रक्रिया वास्तव में राष्ट्रीय नागरिक रजिस्टर (NRC) का ही दूसरा रूप है। उनका आरोप था कि इस अभ्यास के जरिए बड़ी संख्या में मतदाताओं के नाम हटाने की कोशिश की जा रही है और लोगों को अपनी नागरिकता साबित करने के लिए मजबूर किया जा रहा है।
अखिलेश यादव ने कहा कि पश्चिम बंगाल केवल एक राजनीतिक इकाई नहीं, बल्कि एक सांस्कृतिक पहचान भी है। उन्होंने विश्वास जताया कि राज्य की जनता का मुख्यमंत्री ममता बनर्जी से गहरा भावनात्मक जुड़ाव है और आगामी चुनावों में लोग उन्हें एक बार फिर सत्ता सौंपेंगे।
उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा बंगाल में सम्मानजनक हार की लड़ाई लड़ रही है, लेकिन राज्य की जनता लोकतांत्रिक तरीके से उसे निर्णायक रूप से पराजित करेगी।
