
पटना (इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) उत्तरप्रदेश के मुरादाबाद में हुए मॉब लिंचिंग मामले में पुलिस की तरफ़ से आरोपियों को ढील देने का संदेह गहराता जा रहा है,जबकि पुलिस ने मॉब लिंचिंग में मारे गए शाहेदिन के साथी अदनान को गिरफ्तार कर लिया है
मालूम हो कि रविवार को मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र के मंडी समिति परिसर में गौकुशी की ख़बर फैलाकर एक भीड़ ने शाहेदिन नामक व्यक्ति को पीट-पीट कर अधमरा कर दिया था,जिसकी उसी दिन हस्पताल में मौत हो गई थी
शाहेदिन को पीटने वाली भीड़ के वीडियो में कई लोगों के चेहरे और उनकी आवाज़ होने के बवाजूद पुलिस कोई गिरफ्तारी नहीं कर सकी है
अमर उजाला की ख़बर के अनुसार “भीड़ जिस रास्ते से घटनास्थल पर पहुंची और घटना को अंजाम देने के बाद भागी, उन रास्तों पर स्मार्ट सिटी के आधुनिक लाइट विजन कैमरे हैं,एक वीडियो में एक व्यक्ति यह भी कहता सुना जा रहा है कि उन्हें किसने बुलाया था”
मंडी समिति गेट, बुद्धि विहार चौक, प्रकाश नगर चौराहा, चौधरी चरण सिंह चौक, एकता कॉलोनी गेट और रामलीला मैदान चौराहे के आसपास सीसीटीवी कैमरे लगे हुए हैं
इन सब के बवाजूद पुलिस न सिर्फ ये की अब तक कोई गिरफ्तारी नहीं कर सकी है,बल्कि आरोपियों के खिलाफ़ कोई ठोस जानकारी भी जमा नहीं कर सकी है
शाहेदिन के हत्यारों को नहीं पकड़ पाने वाली पुलिस ने फुर्ती के साथ शाहेदिन के साथी अदनान को पकड़ लिया है,जिनके बारे में कहा जा रहा है कि उसने यानी अदनान ने शाहेदिन को दिहाड़ी पर काम करने के लिए अपने यहां बुलाया था
मीडिया को एसपी सिटी कुमार रणविजय सिंह ने जानकारी दिया है कि “हत्यारोपियों के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है,हर एंगल पर पड़ताल की जा रही है”