इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सोमवार (15 सितंबर) को बिहार के सीमांचल क्षेत्र में विकास की बड़ी सौगात दी। पीएम मोदी ने पूर्णिया एयरपोर्ट का लोकार्पण किया, राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना की घोषणा की और लगभग 36,000 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का शिलान्यास किया। इसमें नई रेलवे लाइनें, फ्लाइट सेवाएं, थर्मल पावर प्रोजेक्ट, जलापूर्ति और सीवेज ट्रीटमेंट परियोजनाएं शामिल हैं।
सभा को संबोधित करते हुए पीएम मोदी ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा “कांग्रेस-आरजेडी ने बिहार को बदनाम करने की कोशिश की और सरकारी योजनाओं में घोटाले किए। ऐसे लोग गरीबों का भला कभी नहीं कर सकते। हमारी सरकार गरीबों और पिछड़े वर्ग की सेवा को सर्वोपरि मानती है।”
प्रमुख उदघाटन व शिलान्यास
पूर्णिया एयरपोर्ट और टर्मिनल भवन का उद्घाटन।
पूर्णिया-कोलकाता पहली फ्लाइट को हरी झंडी।
राष्ट्रीय मखाना बोर्ड की स्थापना, मखाना किसानों के लिए ₹450 करोड़ स्वीकृत।
पीरपैंती थर्मल पावर प्रोजेक्ट (3×800 MW, ₹25,000 करोड़) की आधारशिला।
कोसी–मेची अंतःराज्यीय नदी जोड़ परियोजना – सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए।
नई रेल लाइनों का शुभारंभ – विक्रमशिला–कटरिया और अररिया–गलगलिया।
जल आपूर्ति और सीवेज ट्रीटमेंट प्रोजेक्ट्स – दरभंगा, कटिहार और भागलपुर।
पूर्णिया शुक्राणु केंद्र का उद्घाटन।
पीएम मोदी ने कहा कि अब तक 4 करोड़ परिवारों को पक्का घर दिया जा चुका है, और अगले चरण में 3 करोड़ और घर दिए जाएंगे। उन्होंने सीमांचल क्षेत्र के विकास को बिहार की समग्र प्रगति के लिए जरूरी बताया।
आरजेडी सुप्रीमो लालू यादव ने पीएम मोदी के दौरे पर तंज कसते हुए इसे ‘जुमला दिवस’ कहा। वहीं, सीएम नीतीश कुमार ने मंच से कहा कि 2005 से पहले बिहार में विकास कार्य नगण्य थे, जबकि अब सड़क, बाढ़ नियंत्रण और रोजगार सहित अनेक परियोजनाएं लागू की जा रही हैं।
स्थानीय लोगों ने एयरपोर्ट और मखाना बोर्ड की स्थापना को क्षेत्र की अर्थव्यवस्था के लिए बड़ी उपलब्धि बताया। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने कहा कि पीएम मोदी के दौरे से बिहार में विकास और समृद्धि को नई गति मिली है।
पूर्णिया दौरा यह संदेश देता है कि एनडीए सरकार सीमांचल को पूर्वी भारत का आर्थिक केंद्र बनाने में गंभीर है और राज्य में सड़कों, रेल, हवाई, जल और ऊर्जा परियोजनाओं के माध्यम से समग्र विकास को बढ़ावा दे रही है।
