मध्य प्रदेश: मंडला में मुठभेड़ पर उठे सवाल, आदिवासी युवक की मौत को लेकर न्यायिक जांच की मांग

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

मध्य प्रदेश के मंडला जिले में हाल ही में हुई पुलिस मुठभेड़ में एक आदिवासी युवक की मौत के बाद विवाद गहराता जा रहा है। पुलिस ने मृतक को माओवादी बताकर मुठभेड़ में मार गिराने का दावा किया है, जबकि स्थानीय संगठनों और परिजनों ने इसे फर्जी मुठभेड़ बताते हुए न्यायिक जांच की मांग की है।

घटना का विवरण

पुलिस के अनुसार, कान्हा टाइगर रिजर्व के पास नक्सल विरोधी ‘हॉक फोर्स’ और माओवादियों के बीच मुठभेड़ हुई, जिसमें एक व्यक्ति की मौत हो गई और दो अन्य को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का दावा है कि मारा गया व्यक्ति माओवादी था।

परिजनों और संगठनों का आरोप

मृतक के परिजनों का कहना है कि वह निर्दोष था और उसकी हत्या फर्जी मुठभेड़ में की गई है। आदिवासी संगठनों ने इस घटना की निष्पक्ष न्यायिक जांच की मांग की है और कहा है कि वे इसके लिए अदालत का दरवाजा खटखटाएंगे।

राजनीतिक प्रतिक्रिया

कांग्रेस नेता जीतू पटवारी ने सोशल मीडिया पर इस मुठभेड़ पर सवाल उठाते हुए राज्य सरकार से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस घटना से आदिवासी समाज में गहरी नाराजगी है और इसे गंभीरता से लिया जाना चाहिए।

आगामी आंदोलन

भारत आदिवासी पार्टी ने इस मामले को लेकर 19 मार्च को जिला स्तरीय आंदोलन करने की घोषणा की है। पार्टी के नेताओं का कहना है कि जब तक न्यायिक जांच नहीं होती, तब तक वे शांत नहीं बैठेंगे।

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