बिहार सरकार ने राज्य के युवाओं को स्वरोजगार के लिए प्रोत्साहित करने की दिशा में बड़ा कदम उठाते हुए 2025–26 सत्र के लिए मुख्यमंत्री उद्यमी योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है। योजना के अंतर्गत पात्र अभ्यर्थियों को अपना उद्योग या व्यवसाय शुरू करने के लिए अधिकतम ₹10 लाख तक की आर्थिक सहायता प्रदान की जाएगी। इसमें अनुदान (सब्सिडी) का प्रावधान भी शामिल है।
उद्योग विभाग के अधिकारियों के अनुसार, इस योजना का उद्देश्य बेरोजगार युवाओं को आत्मनिर्भर बनाना और राज्य में सूक्ष्म एवं लघु उद्योगों को बढ़ावा देना है। सरकार का मानना है कि इससे न केवल रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे, बल्कि स्थानीय स्तर पर आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
योजना के तहत स्वीकृत परियोजना लागत के अनुसार अधिकतम ₹10 लाख तक की राशि उपलब्ध कराई जाती है। इसमें सरकार द्वारा निर्धारित हिस्से पर अनुदान दिया जाता है, जबकि शेष राशि आसान किश्तों में लौटाने की सुविधा रहती है। चयनित अभ्यर्थियों को व्यवसाय संचालन से संबंधित प्रशिक्षण भी दिया जाएगा।
आवेदन के लिए अभ्यर्थियों को आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र, मैट्रिक एवं इंटर का प्रमाण पत्र, हस्ताक्षर की स्कैन कॉपी, सक्रिय मोबाइल नंबर और ईमेल आईडी प्रस्तुत करना अनिवार्य है।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। निर्धारित समय सीमा के भीतर पोर्टल पर पंजीकरण करना आवश्यक है। आवेदन के बाद दस्तावेज़ सत्यापन और चयन प्रक्रिया पूरी की जाएगी, जिसके पश्चात स्वीकृत लाभार्थियों को राशि उपलब्ध कराई जाएगी।
सरकार की इस पहल को राज्य में उद्यमिता संस्कृति को मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। इच्छुक अभ्यर्थियों को समय रहते आवेदन करने की सलाह दी गई है।