इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
मुजफ्फरपुर के कटरा प्रखंड के टेकवारा गाँव में 40–50 वर्षों से रहने वाले भूमिहीन गरीब परिवारों को उजाड़ने के प्रशासनिक आदेश के खिलाफ आज भाकपा-माले और खेग्रास ने ज़ोरदार विरोध प्रदर्शन किया। आरवाईए के राष्ट्रीय अध्यक्ष और माले के पूर्व प्रत्याशी आफ़ताब आलम के नेतृत्व में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने एक दिवसीय धरना आयोजित किया गया।
भाकपा-माले औराई–कटरा प्रखंड सचिव मनोज कुमार यादव ने कहा कि गरीब परिवारों पर बुलडोज़र चलाने का आदेश सीधे “हिटलरशाही” है। उन्होंने प्रशासन और भाजपा विधायक पर गरीबों को बेघर करने की साजिश रचने का आरोप लगाया।
धरने को संबोधित करते हुए आफ़ताब आलम ने कहा कि टेकवारा गाँव के दर्जनों गरीब परिवार पीढ़ियों से सरकारी परती ज़मीन पर रह रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि तीन साल पहले इन परिवारों की ज़मीन पर मॉडल थाना बनवाया गया और अब बिजली पावर हाउस के नाम पर उन्हें उजाड़ने की योजना बनाई जा रही है। आलम ने कहा, “यह पूरी योजना स्थानीय भाजपा विधायक और प्रशासन की मिलीभगत से रची जा रही है।”
खेग्रास के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी ने कहा कि बिजली काटकर गरीबों की जिंदगी को अंधेरे में धकेल दिया गया, जिससे हाल ही में एक बच्ची साँप के काटने की घटना का शिकार हुई। उन्होंने इसे प्रशासन की अमानवीय और गरीब विरोधी मानसिकता का प्रमाण बताया।
भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य परशुराम पाठक ने चेतावनी दी कि अगर प्रशासन ने बुलडोज़र चलाने की हिमाकत की, तो इसका जवाब पूरे बिहार की जनता देगी।
धरना स्थल पर मौजूद पीड़ित परिवारों ने भाजपा विधायक और नीतीश-मोदी सरकार पर “बुलडोज़र राज” थोपने का आरोप लगाते हुए कहा कि यह लड़ाई सिर्फ टेकवारा गाँव तक सीमित नहीं, बल्कि पूरे बिहार की दलित–महादलित, वंचित और मेहनतकश जनता की लड़ाई है।
धरने में शामिल नेताओं ने जिलाधिकारी को मांग पत्र सौंपा और स्पष्ट किया कि गरीबों पर बुलडोज़र चलाने की स्थिति में सरकार को राजनीतिक और जन आंदोलनों का सामना करना पड़ेगा।
धरना को भाकपा-माले औराई-कटरा प्रखंड के सचिव मनोज कुमार यादव, आफ़ताब आलम, खेग्रास के राज्य सचिव शत्रुघ्न सहनी, अमरेश राय, बटोही राय, विश्वनाथ राय, जुली देवी, देवो देवी और भाकपा-माले जिला कमिटी सदस्य परशुराम पाठक सहित अन्य नेताओं ने संबोधित किया।
