
इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
तेलंगाना के निज़ामाबाद जिले के अरमूर में स्थित ईदगाह पर 19 फरवरी को छत्रपति शिवाजी महाराज जयंती के अवसर पर अज्ञात शरारती तत्वों ने भगवा और गुलाल पाउडर छिड़क दिया। उन्होंने परिसर में भगवा स्कार्फ और बैज भी फेंके और मौके से फरार हो गए।
स्थानीय एआईएमआईएम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस घटना पर ध्यान दिया और तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस अधिकारियों ने निरीक्षण के बाद आश्वासन दिया कि दोषियों की पहचान कर उचित कार्रवाई की जाएगी।
प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, शरारती तत्व ईदगाह परिसर में प्रवेश कर ‘खतीब’ के प्रार्थना स्थल तक पहुंचे और जानबूझकर दीवारों पर भगवा पाउडर छिड़का। स्थानीय उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) को सूचित किया गया, और समुदाय के बुजुर्गों ने उनसे मिलकर घटना पर चर्चा की।
घटना के बाद, ईदगाह समिति के सदस्यों ने स्थल की सफाई की, सभी भगवा पाउडर और बैज को हटा दिया। इस बीच, अधिकारी दोषियों का पता लगाने के लिए अपनी जांच जारी रखे हुए हैं।
इस घटना ने क्षेत्र में सांप्रदायिक तनाव भड़काने के प्रयासों को लेकर चिंताएं बढ़ा दी हैं। पुलिस अधिकारियों ने निवासियों से शांति बनाए रखने की अपील की है, जबकि वे मामले की जांच कर रहे हैं।
*हैदराबाद में पूर्व की घटनाएं: सांप्रदायिक तनाव के उदाहरण
हैदराबाद और उसके आसपास के क्षेत्रों में भी सांप्रदायिक तनाव बढ़ाने वाली घटनाएं सामने आई हैं। अगस्त 2022 में, हैदराबाद से सटे शमशाबाद में मस्जिद-ए-खाजा महमूद को नगर निगम के अधिकारियों द्वारा ध्वस्त कर दिया गया, जिससे भारी बवाल हुआ। स्थानीय निवासियों और एआईएमआईएम पार्टी के कार्यकर्ताओं ने इस कार्रवाई का विरोध किया, जिसके परिणामस्वरूप क्षेत्र में धारा 144 लागू करनी पड़ी।
इन घटनाओं से स्पष्ट होता है कि कुछ तत्व तिलंगना में सांप्रदायिक सौहार्द्र को बिगाड़ने की कोशिश कर रहे हैं। पुलिस और प्रशासन को ऐसे मामलों में सतर्क रहकर त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए ताकि समाज में शांति और एकता बनी रहे।