बिहार में नई एनडीए सरकार के गठन से पहले पटना का गांधी मैदान एक बार फिर राजनीतिक गतिविधियों का केंद्र बना हुआ है। 20 नवंबर को होने वाले शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बुधवार को तैयारियों में और तेजी आई। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने मंगलवार शाम को स्थल पहुँचकर मंच, सुरक्षा व्यवस्था, प्रवेश मार्गों और तकनीकी व्यवस्थाओं का विस्तृत निरीक्षण किया था।
अधिकारियों को आज शाम तक सभी तैयारियाँ पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। नीतीश कुमार के साथ निरीक्षण के दौरान उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी, सांसद रवि शंकर प्रसाद, मंत्री नितिन नवीन और अन्य एनडीए नेता मौजूद रहे।
समारोह में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की उपस्थिति इसकी राजनीतिक अहमियत को मजबूत करती है। गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह और बीजेपी अध्यक्ष जे.पी. नड्डा सहित कई केंद्रीय मंत्रियों के आने का कार्यक्रम तय है।
देश भर से 16 राज्यों के मुख्यमंत्रियों को आमंत्रित किया गया है। इनमें उत्तर प्रदेश के योगी आदित्यनाथ, आंध्र प्रदेश के चंद्रबाबू नायडू, मध्य प्रदेश के मोहन यादव, राजस्थान के भजनलाल शर्मा, महाराष्ट्र के देवेंद्र फडनवीस, ओडिशा के मोहन चरण मांझी, गुजरात के भूपेंद्र पटेल, गोवा के प्रमोद सावंत और दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता सहित अन्य शामिल हैं।
समारोह को बड़े पैमाने पर आयोजित करने के लिए गांधी मैदान में जर्मन हैंगर तकनीक से विशाल पंडाल तैयार किया जा रहा है, जिसकी क्षमता करीब तीन लाख लोगों की बताई जा रही है।
लगभग 30 हजार कुर्सियाँ और 1500 सोफे लगाए जा रहे हैं। मुख्य मंच की विशेष सजावट के लिए कर्नाटक से फूल मंगाए गए हैं। साउंड और लाइटिंग के लिए पेशेवर टीमें तैनात हैं।
भीड़ को ध्यान में रखते हुए पुलिस, आपदा प्रबंधन और स्वास्थ्य विभाग की टीमें मैदान के अंदर-बाहर तैनात रहेंगी। मेडिकल यूनिट और एंबुलेंस भी standby पर रखी जाएंगी।
एनडीए पूरे आयोजन को शक्ति-प्रदर्शन के रूप में देख रहा है। भाजपा, जदयू और अन्य घटक दल समन्वय में जुटे हैं।
मंत्री नितिन नवीन ने कहा कि मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि “कार्यक्रम की किसी भी व्यवस्था में कमी न रहे।” उन्होंने पुष्टि की कि नीतीश कुमार ही मुख्यमंत्री पद की शपथ लेंगे और समारोह दोपहर 12 बजे के बाद आयोजित किया जाएगा।
प्रधानमंत्री और अनेक वीवीआईपी की उपस्थिति को देखते हुए सुरक्षा एजेंसियाँ हाई अलर्ट पर हैं। गांधी मैदान के सभी प्रवेश द्वारों पर कड़ी जांच की व्यवस्था की गई है। आसपास के इलाकों में पुलिस गश्त बढ़ा दी गई है।
प्रशासनिक टीमें लगातार निरीक्षण कर रही हैं ताकि कार्यक्रम को पूरी तरह सुरक्षित और व्यवस्थित बनाया जा सके।
