पेशवा शासन में दलितों पर अत्याचार: उदित राज का सवाल

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

कांग्रेस नेता और पूर्व सांसद उदित राज ने हाल ही में एक बयान में ऐतिहासिक संदर्भ में शासकों की क्रूरता पर चर्चा करते हुए पेशवा शासन के दौरान दलित समुदाय पर हुए अत्याचारों का मुद्दा उठाया है। उन्होंने कहा कि पेशवा शासन में दलित समाज के लोगों को गले में हांडी और कमर में झाड़ू बांधकर चलने के लिए मजबूर किया जाता था, जो एक क्रूरता थी।

उदित राज ने यह बयान औरंगजेब की क्रूरता पर हो रही बहस के संदर्भ में दिया। उन्होंने कहा कि किसी एक धर्म के शासक को क्रूर कहना उचित नहीं है, क्योंकि इतिहास में विभिन्न धर्मों के शासक क्रूर रहे हैं। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि हूण शासक मिहिरकुल और मंगोल शासक चंगेज खान भी अत्यंत क्रूर शासक थे।

उदित राज के इस बयान ने ऐतिहासिक तथ्यों और सामाजिक न्याय के मुद्दों पर एक नई बहस को जन्म दिया है। उनका कहना है कि इतिहास को तोड़-मरोड़ कर प्रस्तुत करना उचित नहीं है और सभी शासकों की क्रूरता को समान रूप से देखा जाना चाहिए।

पेशवा शासन के दौरान दलित समुदाय के साथ हुए इस तरह के व्यवहार को उजागर करके उदित राज ने सामाजिक न्याय और समानता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को फिर से प्रदर्शित किया है। उनका यह बयान वर्तमान सामाजिक संरचना में ऐतिहासिक अन्यायों की समझ और उनकी पुनरावृत्ति को रोकने के महत्व को रेखांकित करता है।

मुंगेर की जामिया रहमानी में दाखिले का ऐलान, पत्रकारिता व दारूल हिकमत सहित सभी विभागों में प्रवेश जारी

मुंगेर स्थित जामिया रहमानी, खानक़ाह मोंगेर ने 1447-1448 हिजरी शैक्षणिक वर्ष के लिए अपने सभी

बिहार में शिक्षक भर्ती में बड़ा बदलाव: अब BTET नहीं, केवल CTET पास करना अनिवार्य

बिहार सरकार ने शिक्षक भर्ती प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है। राज्य सरकार ने स्पष्ट

पटना: NEET छात्रा मौत मामला: मानवाधिकार आयोग ने SSP को नोटिस जारी, 8 सप्ताह में मांगी रिपोर्ट

पटना के शंभू गर्ल्स हॉस्टल में NEET की तैयारी कर रही छात्रा की संदिग्ध मौत

EFLU छात्रसंघ चुनाव में Fraternity-NSUI-MSF के ‘आवाज़’ गठबंधन का क्लीन स्वीप, ABVP और SFI को सभी सीटों पर हार

हैदराबाद के इंग्लिश एंड फॉरेन लैंग्वेजेज यूनिवर्सिटी (EFLU) के छात्रसंघ चुनावों में लोकतांत्रिक छात्र संगठनों

जामिया के छात्रों को करियर की नई राह: ShED-Forum ने आयोजित किया करियर काउंसलिंग कार्यक्रम

जामिया मिल्लिया इस्लामिया से जुड़े छात्रों और युवाओं को रोजगार एवं उच्च शिक्षा के प्रति