इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार की राजनीति में फिर हलचल तेज हो गई है। जन सुराज आंदोलन के संस्थापक और देश के चर्चित चुनाव रणनीतिकार प्रशांत किशोर (PK) 11 अक्तूबर को राघोपुर का दौरा करने जा रहे हैं। सूत्रों के मुताबिक, इस दौरान वे जन सुराज संगठन के स्थानीय और राज्य स्तरीय पदाधिकारियों के साथ अहम रणनीतिक बैठक करेंगे। माना जा रहा है कि यह बैठक आगामी 2025 विधानसभा चुनाव की दिशा तय कर सकती है।
राजनीतिक गलियारों में इस बात की चर्चा जोरों पर है कि क्या प्रशांत किशोर राघोपुर विधानसभा सीट से चुनाव मैदान में उतर सकते हैं? यह वही सीट है जहां से पूर्व उपमुख्यमंत्री और राजद नेता तेजस्वी प्रसाद यादव मौजूदा विधायक हैं। अगर प्रशांत किशोर ने राघोपुर से चुनाव लड़ने का ऐलान किया, तो बिहार की राजनीति में यह एक ऐतिहासिक और हाई-वोल्टेज मुकाबला साबित हो सकता है, जिस पर पूरे देश की नज़रें टिक जाएंगी।
जन सुराज आंदोलन के कार्यकर्ताओं में इस बैठक को लेकर उत्साह चरम पर है। राघोपुर में तैयारियां जोरों पर हैं, और स्थानीय जनता में भी इस संभावित राजनीतिक ऐलान को लेकर गहरी उत्सुकता देखी जा रही है।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अगर प्रशांत किशोर ने राघोपुर से चुनावी मैदान में उतरने का फैसला किया, तो यह न केवल राजद और महागठबंधन के समीकरणों को प्रभावित करेगा, बल्कि बिहार की पूरी चुनावी रणनीति को भी नया मोड़ दे सकता है।
अब सबकी निगाहें 11 अक्तूबर की उस बैठक पर टिकी हैं, जहां से संभव है कि बिहार की राजनीति का नया अध्याय शुरू हो।
