इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
संगमनगरी,प्रयागराज से एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। यहां एक 20 वर्षीय UPSC की तैयारी कर रहे छात्र ने लड़की बनने की चाहत में खुद को गंभीर रूप से घायल कर लिया।
मिली जानकारी के अनुसार, छात्र ने लिंग परिवर्तन के बारे में जानकारी प्राप्त करने के लिए ऑनलाइन वीडियो देखे और स्थानीय डॉक्टर से सलाह भी ली। इसके बाद मंगलवार को उसने खुद को एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाया और सर्जिकल ब्लेड से अपने गुप्तांग को आंशिक रूप से काटने का प्रयास किया। जैसे ही एनेस्थीसिया का असर कम हुआ, छात्र को असहनीय दर्द और अत्यधिक रक्तस्राव शुरू हो गया।
मकान मालिक की मदद से छात्र को तेज बहादुर सप्रू अस्पताल ले जाया गया, जहां से गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे एसआरएन अस्पताल रेफर किया गया। डॉ. संतोष सिंह, वरिष्ठ सर्जन, ने बताया कि फिलहाल छात्र की हालत स्थिर है। उन्होंने कहा, “मरीज ने हमें बताया कि वह 14 साल की उम्र से ही लड़की बनने की इच्छा रखता था और इसी बेचैनी के कारण अपनी पढ़ाई पर ध्यान नहीं दे पा रहा था। हमने उसके परिवार को लिंग पुनर्निर्धारण सर्जरी सहित अन्य विकल्पों की जानकारी दी है।”
विशेषज्ञों ने इस घटना को मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर पहचान से जुड़े गंभीर मुद्दों की चेतावनी बताया। एसआरएन अस्पताल की मनोरोग विभाग की टीम अब छात्र का मानसिक मूल्यांकन करेगी और उसे उचित परामर्श प्रदान किया जाएगा।
छात्र मूल रूप से अमेठी का रहने वाला है। उसके पिता किसान और माता गृहिणी हैं। छात्र प्रयागराज के सिविल लाइंस इलाके में किराए के कमरे में रहकर UPSC परीक्षा की तैयारी कर रहा था।
यह घटना समाज में मानसिक स्वास्थ्य और जेंडर पहचान के प्रति जागरूकता की आवश्यकता को उजागर करती है। विशेषज्ञों का कहना है कि परिवार, समाज और शिक्षा संस्थानों को इस दिशा में अधिक सक्रिय होकर सही मार्गदर्शन और समर्थन प्रदान करना चाहिए, ताकि ऐसे गंभीर कदम उठाने से बचा जा सके।
