राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के प्रमुख मोहन भागवत ने रविवार को स्पष्ट किया कि संगठन का कोई राजनीतिक एजेंडा नहीं है और इसे केवल भाजपा के नजरिए से देखना एक बड़ी भूल होगी। शताब्दी उत्सव के तहत आयोजित RSS की 100 व्याख्यान माला कार्यक्रम में भागवत ने कहा कि संघ को राजनीतिक दलों या सामान्य सेवा संगठन के रूप में समझना सही नहीं है।
भागवत ने बताया कि संघ का मुख्य उद्देश्य हिंदू समाज के उत्थान और सुरक्षा के लिए काम करना है। संघ का प्रयास ऐसे नैतिक और गुणी व्यक्तित्व वाले लोग (सज्जन) तैयार करना है, जो राष्ट्रीय गौरव को बढ़ाएं और देश के विकास में योगदान दें। उन्होंने कहा कि संघ के विस्तार से कुछ लोगों के हित प्रभावित हो सकते हैं, लेकिन संगठन किसी को अपना दुश्मन नहीं मानता।
भागवत ने कहा, “संघ को अक्सर गलत समझा जाता है। कई लोग नाम तो जानते हैं लेकिन इसके काम को नहीं समझते। RSS केवल हिंदू समाज के उत्थान के बारे में सोचता है और इसमें किसी के प्रति वैरभाव नहीं है।” उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि राजनीति को अनावश्यक रूप से संघ से जोड़ना गलत है और इसे केवल भाजपा के नजरिए से देखना उचित नहीं है।
