बिहार में अवैध सूदखोरी और गुंडा बैंक के खिलाफ सख्त कार्रवाई की तैयारी तेज हो गई है। उपमुख्यमंत्री और गृह मंत्री सम्राट चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि राज्य में किसी भी प्रकार की अवैध सूदखोरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी और इस अवैध व्यवस्था को पूरी तरह समाप्त किया जाएगा।
सम्राट चौधरी ने कहा कि गरीबों का शोषण कर मनमाना ब्याज वसूलने वाले गिरोह अब नहीं चल पाएंगे। राज्य में अब केवल आरबीआई द्वारा अधिकृत बैंक ही काम करेंगे और सभी अवैध बैंकिंग गतिविधियों पर नजर रखी जाएगी।
उपमुख्यमंत्री ने यह भी घोषणा की कि राज्य में सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए AI आधारित कैमरों का व्यापक नेटवर्क लगाया जाएगा। यह कैमरे रेलवे जंक्शनों, शहरों के चौक-चौराहों, पंचायत क्षेत्रों और अन्य महत्वपूर्ण एंट्री-एग्जिट प्वाइंट्स पर लगेंगे। सभी जेलों में 10,000 से अधिक कैमरे स्थापित किए जाएंगे।
सम्राट चौधरी ने पटना के सरदार पटेल भवन में आशु असिस्टेंट अवर निरीक्षकों को नियुक्ति पत्र सौंपते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में 2005 से 2020 तक 7.5 लाख से अधिक सरकारी नियुक्तियां हुई हैं। पिछले पांच वर्षों में 11.5 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है। उन्होंने विशेष रूप से दिव्यांगजनों की नियुक्तियों को ऐतिहासिक बताया।
गृह मंत्री ने कहा कि बिहार में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने के लिए टेक्नोलॉजी आधारित निगरानी लागू की जाएगी। जिलों के सभी एसपी नियमित रूप से जनता दरबार लगाकर जघन्य मामलों का स्पीडी ट्रायल सुनिश्चित करेंगे। उन्होंने स्पष्ट कहा कि राज्य में किसी भी स्तर के माफिया को बख्शा नहीं जाएगा।
सम्राट चौधरी का ये फरमान बिहार में सुशासन और कानून व्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
