बिहार के उपमुख्यमंत्री सह गृह मंत्री सम्राट चौधरी के मुंगेर दौरे के दौरान नक्सल प्रभावित इलाकों में बड़ी हलचल देखने को मिली। पहले से ही नक्सलियों को आत्मसमर्पण की चेतावनी दे चुके सम्राट चौधरी के जिले में कदम रखते ही तीन कुख्यात नक्सलियों ने हथियार डाल दिए। प्रशासन ने इसे नक्सलवाद के खिलाफ चल रहे अभियान की बड़ी सफलता बताया है।
रविवार को हवेली खड़गपुर में बिहार के पुलिस महानिदेशक (DGP) विनय कुमार और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (ADG) कुंदन कृष्णन की मौजूदगी में तीन-तीन लाख रुपये के इनामी नक्सली जोनल कमांडर नारायण कोड़ा और बहादुर कोड़ा सहित तीन नक्सलियों ने आत्मसमर्पण किया। इसके अलावा नक्सली दस्ते का सदस्य बिनोद कोड़ा, पिता सोनेलाल कोड़ा, निवासी ग्राम शीतला कोड़ासी (लखीसराय) ने भी सरेंडर किया। नारायण कोड़ा पर नक्सली गतिविधियों से जुड़े 23 मामलों में फरार रहने का आरोप था।
डीजीपी विनय कुमार ने इस मौके पर कहा कि बिहार नक्सलवाद के खिलाफ निर्णायक लड़ाई लड़ने वाला देश का पहला राज्य बन चुका है। उन्होंने बताया कि वर्ष 2005 के बाद अरवल और जहानाबाद जैसे जिले पूरी तरह नक्सल मुक्त हो चुके हैं और अब वहां सड़क, शिक्षा और विकास योजनाओं का तेजी से विस्तार हो रहा है। समाज में नक्सलवाद का प्रभाव लगातार कमजोर पड़ता दिख रहा है।
नक्सल प्रभाव के लिए कभी कुख्यात रहे खड़गपुर क्षेत्र में अब बदलाव की तस्वीर उभर रही है। उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने खड़गपुर झील में नौका विहार का उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि झील के विकास से मुंगेर जिले को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर पहचान मिलेगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार व आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा मिलेगा। इसके साथ ही उन्होंने हेलीकॉप्टर से खड़गपुर झील और भीम बांध क्षेत्र का निरीक्षण भी किया।
अपने दो दिवसीय तारापुर दौरे के दौरान सम्राट चौधरी ने हवेली खड़गपुर अनुमंडल के खैरा गांव में प्रधानमंत्री के ‘मन की बात’ कार्यक्रम में भाग लिया। इसके बाद उन्होंने 11.80 करोड़ रुपये की लागत से बने 100 शैय्या वाले नवनिर्मित अनुमंडलीय अस्पताल का उद्घाटन कर चिकित्सा सेवाओं का शुभारंभ किया। यह अस्पताल आईपीएचएस मानकों के अनुरूप, भूकंपरोधी संरचना और आधुनिक फायर सेफ्टी सुविधाओं से युक्त है।
अस्पताल में तीन ऑपरेशन थिएटर, आपातकालीन सेवा, आईसीयू, एनआईसीयू, एसएनसीयू, प्रसव कक्ष और ओपीडी सहित आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं।
खड़गपुर झील परिसर के कैफेटेरिया में आयोजित बैठक में डीजीपी सहित विभिन्न विभागों के सचिव, जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। बैठक में भीम बांध जंगल क्षेत्र में पीपीपी मोड पर विश्वस्तरीय पर्यटन परियोजना विकसित करने, खड़गपुर झील में गंगा जल आपूर्ति और पंप पावर स्टोरेज सिस्टम लगाने जैसी योजनाओं पर चर्चा हुई।
कार्यक्रम के दौरान सम्राट चौधरी ने बिहार राज्य सब्जी प्रसंस्करण एवं विपणन सहकारी योजना के तहत मुंगेर जिले की पांच प्राथमिक सब्जी उत्पादक सहकारी समितियों—तारापुर, असरगंज, संग्रामपुर, टेटिया बंबर और हवेली खड़गपुर—में आधारभूत संरचना निर्माण का शिलान्यास किया। उन्होंने कहा कि इससे किसानों को बेहतर विपणन सुविधा मिलेगी और उनकी आय में वृद्धि होगी।
सम्राट चौधरी के इस दौरे को प्रशासन ने नक्सलवाद पर निर्णायक प्रहार के साथ-साथ विकास और विश्वास की नई शुरुआत के रूप में बताया है।
