
पटना (प्रेस रिलीज़/इंसाफ़ टाइम्स डेस्क) सोशल डेमोक्रेटिक पार्टी ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मुहम्मद शफ़ी ने अपने जारी अखबारी बयान में कहा है कि “वाराणसी में मुस्लिम गलियों और इबादत स्थलों पर हिंदुत्वा चरमपंथियों की तरफ से शिवलिंगों और मूर्तियों के अवशेषों की ‘खोज’ करने के लिए एक मुसलसल कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी हैं,उसको फौरी तौर पर बंद किया जाना चाहिए,सनातन रक्षा दल के अजय शर्मा जोकंद्रीया ब्राह्मण महासभा की शाख है जिसने वाराणसी के मुस्लिम बहुल इलाके मदनपुरा में एक मन्दिर की खोज किया है पहले ये एलान ये कर चुके है कि मुसलमानों के घरों के अंदर भी मंदिर हैं मूर्तियाँ हैं. और वो उन सबको खोदेंगे”
शफी साहब ने कहा कि “हिंदुत्वा ब्रिगेड ने उनलोगों को धमकी दी है जो इस की तामील नहीं करते हैं के अगर आप नहीं सुनते हैं तो आपको रौद्र (हैरत अंग्रेज) औतार भी नजर आएगा
उन्होंने धार्मिक शुद्धता की वजह से कम से कम 10 मंदिरों से साई बाबा की मूर्तियों को हटा दिया था ,2019 से उनका दावा है कि “उन्होंने शहर में तकरीबन 50 मन्दिरों को पाया है, हिंदुत्वा ब्रिगेड का अनुमान है कि वाराणसी में लगभग 25 मस्जिदें ईद गाहों और अन्य मुस्लिम मजार को पूर्व मन्दिरों के अस्थलों के तौर पर गिना जा सकता है”
वह देश में 15 ऐतिहासिक धार्मिक स्थानों और 3,300 से अधिक हिन्दू मन्दिरों की चिन्हित करते हैं, बाबरी मस्जिद के फैसले के बाद खुदाई की मुहीम ने जोर पकड़ा है और पूर्व चीफ़ जस्टिस ऑफ इंडिया (सी जी आई)की टिप्पणी के धार्मिक स्थानों के सर्वे की मांग इबादत गाहों के कानून के खिलाफ़ कार्य नहीं करता है ,तब से मुसलमानों के कई इबादत गाहों के सर्वे के लिए एकाधिक याचिका दायर की गई हैं और अधिक अनुरोध पाइपलाइन में हैं जो माननीय सुप्रीम कोर्ट की तरफ से सर्वे रोकने के लिए दिए गये अर्जी स्टे को रद्द करने के प्रतीक्षा में हैं