तृणमूल कांग्रेस (TMC) के सांसद और पूर्व बॉलीवुड अभिनेता शत्रुघ्न सिन्हा ने केंद्रीय बजट 2026‑27 पर केंद्र सरकार पर कड़ा निशाना साधा है। मीडिया से विशेष बातचीत में उन्होंने इसे “फेंकू और लपेटू” बजट करार दिया और कहा कि यह न तो देश को विकसित भारत की दिशा में ले जाने वाला है और न ही आम जनता की वास्तविक समस्याओं का समाधान करता है।
सिन्हा ने आरोप लगाया कि इस बजट में रोजगार सृजन, किसानों की भलाई और मौजूदा ऋण जैसी गंभीर समस्याओं पर कोई ठोस कदम नहीं उठाए गए हैं। उन्होंने कहा, “यह बजट विकसित भारत के लिए नहीं है और रोजगार, युवा, किसान—किसी के भी हित में कोई ठोस प्रावधान नहीं है।” उनके अनुसार, बजट में बड़ी‑बड़ी घोषणाएं हैं, लेकिन असल मुद्दों पर यह पूरी तरह खरा नहीं उतरता।
सिन्हा ने यह भी कहा कि केंद्र सरकार कई राज्यों का पैसा बकाया रखे हुए है और ऐसा प्रतीत होता है कि इस बजट से राज्यों को उचित हिस्सेदारी नहीं मिल रही है। उन्होंने विशेष रूप से यह सवाल उठाया कि किसानों की भलाई के लिए कौन‑सी नई योजनाएं लाई गई हैं।
बजट में प्रस्तावित बड़े‑बड़े इंफ्रास्ट्रक्चर प्रोजेक्ट्स, जैसे पूर्वी तट औद्योगिक गलियारा तथा हाई‑स्पीड रेल कॉरिडोर की घोषणाओं पर भी सिन्हा ने कहा कि ये घोषणाएं पहले से मौजूद योजनाओं का ही दोहराव हैं और इनसे लोगों की वास्तविक जरूरतों पर असर नहीं पड़ेगा। उन्होंने यह स्पष्ट किया कि बजट में पश्चिम बंगाल सहित बड़े हिस्सों की उपेक्षा की गई है।
पश्चिम बंगाल में आगामी विधानसभा चुनाव का ज़िक्र करते हुए सिन्हा ने कहा कि “दिदी की ही सरकार आएगी” और भाजपा की ताकत चुनाव के बाद फीकी पड़ जाएगी।
इस बीच विपक्ष के अन्य नेताओं ने भी बजट पर आलोचना जारी रखी है। कई नेताओं ने इसे “निराशाजनक” और गरीब‑पछड़े वर्गों के हितों को नजरअंदाज करने वाला बताया है।
Lबजट 2026‑27 को वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने “युवाशक्ति‑प्रेरित” और “विकसित भारत की दिशा में एक संतुलित दस्तावेज” बताया है, जबकि विपक्ष इसे जन‑धार्मिक मुद्दों से कटता और महंगाई, बेरोजगारी तथा कृषि संकट के प्रति उदासीन मान रहा है।
