सुपौल जिले के नूरसेद आलम पर मधुबनी जिले के चकदह गांव में धार्मिक नारा न लगाने के आरोप में भीड़ द्वारा जानलेवा हमला किया गया। गंभीर रूप से घायल नूरसेद आलम अब तक बोलने की स्थिति में नहीं हैं। घटना के दस दिन बीत जाने के बाद भी सरकार और प्रशासन की ओर से पीड़ित परिवार से मिलने या मुआवजा देने की कोई पहल नहीं हुई है।
आज भाकपा (माले) की केंद्रीय कमिटी सदस्य और माले विधायक दल के पूर्व नेता कॉमरेड महबूब आलम के नेतृत्व में राज्यस्तरीय टीम सुपौल जिले के बसंतपुर प्रखंड अंतर्गत शंकरपुर गांव पहुंची और पीड़ित नूरसेद आलम एवं उनके परिवार से मुलाकात की। इस मौके पर उन्होंने सरकार से 20 लाख रुपये मुआवजा देने और दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर कड़ी सजा देने की मांग की।
महबूब आलम ने चेतावनी दी कि यदि राज्य सरकार ने शीघ्र कार्रवाई नहीं की, तो भाकपा माले उग्र आंदोलन के लिए बाध्य होगी।
जांच टीम में भाकपा माले के सुपौल जिला सचिव कॉमरेड जयनारायण यादव, अखिल भारतीय किसान महासभा के जिला अध्यक्ष कॉमरेड अच्छेलाल मेहता, खेग्रामस के जिला सचिव कॉमरेड जन्मजय राय, इंसाफ मंच के कॉमरेड साबिर साहब, पिपरा विधानसभा क्षेत्र से माले प्रत्याशी कॉमरेड अनिल कुमार, और भाकपा माले नेता सह ऐक्टू जिला सचिव कॉमरेड अरविंद कुमार शर्मा शामिल थे।
खेग्रामस एवं इंसाफ मंच ने पीड़ित परिवार के समर्थन में प्रदर्शन और प्रतिरोध मार्च निकाला। नेताओं ने सरकार से नफरत और सांप्रदायिक हिंसा की राजनीति पर रोक लगाने की भी मांग की।
