कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव और बरारी विधानसभा से महागठबंधन प्रत्याशी तौकीर आलम ने मंगलवार को दिल्ली में कांग्रेस महासचिव श्रीमती प्रियंका गांधी वाड्रा से मुलाक़ात की। इस दौरान दोनों नेताओं के बीच बिहार विधानसभा चुनाव के नतीजों, चुनावी प्रक्रिया और बिहार की मौजूदा राजनीतिक स्थिति पर विस्तृत चर्चा हुई।
मुलाक़ात के बाद तौकीर आलम ने बताया कि उन्होंने प्रियंका गांधी को बिहार चुनाव के दौरान हुई कथित गड़बड़ियों, प्रशासनिक दख़ल और चुनाव आयोग की भूमिका से अवगत कराया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नीत एनडीए सरकार ने चुनाव को प्रभावित करने के लिए लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की।
तौकीर आलम के अनुसार, बैठक में प्रियंका गांधी ने बिहार के चुनाव परिणामों पर चिंता जताते हुए कहा “ऐसे नतीजों की उम्मीद नहीं थी। कांग्रेस को अब जनता के असली मुद्दों पर लगातार संघर्ष और मजबूती से खड़ा होना होगा।”
तौकीर आलम ने सीमांचल क्षेत्र की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा करते हुए प्रियंका गांधी को बताया कि कटिहार और सीमांचल में कटाव, विस्थापन, बेरोज़गारी, पलायन, शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं की बदहाली जैसी समस्याएँ आज भी जस की तस बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि चुनाव के दौरान महिलाओं के बैंक खातों में कथित तौर पर ₹10,000 देने जैसे कदमों से लोकतांत्रिक माहौल प्रभावित हुआ और मतदाताओं को गुमराह किया गया।
तौकीर आलम ने बैठक के दौरान सीमांचल में डिग्री कॉलेज, बेहतर अस्पताल, रोज़गार के अवसर और विकास योजनाओं की तत्काल ज़रूरत की बात भी उठाई।
बैठक के बाद तौकीर आलम ने कहा “बरारी, प्राणपुर, कटिहार सहित पूरे सीमांचल की तरक्की के लिए जो लड़ाई हमने चुनाव से पहले शुरू की थी, वह जारी रहेगी। जनता के अधिकारों और विकास के मुद्दों पर हमारा संघर्ष रुकने वाला नहीं है।”
