इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार की राजनीति में बड़ा उलटफेर देखने को मिला है। बहादुरगंज विधानसभा क्षेत्र से कांग्रेस के पूर्व विधायक और प्रदेश के वरिष्ठ नेता तौसीफ आलम ने ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) का दामन थाम लिया है। हैदराबाद सांसद और AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी और बिहार के प्रदेश अध्यक्ष अख्तरुल ईमान की मौजूदगी में उन्होंने पार्टी की सदस्यता ली।
तौसीफ आलम आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में बहादुरगंज सीट से AIMIM के उम्मीदवार होंगे। इस अवसर पर AIMIM बिहार के महासचिव इंजीनियर आफताब आलम और बिहार AIMIM युवा मोर्चा के अध्यक्ष आदिल हसन भी मंच पर मौजूद थे।
AIMIM की ओर से यह स्पष्ट किया गया है कि पार्टी आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर पूरी तरह सक्रिय हो चुकी है। इसी क्रम में 3 मई 2025 को एक विशाल जनसभा का आयोजन किया जाएगा, जिसमें असदुद्दीन ओवैसी और पार्टी के अन्य वरिष्ठ नेता बिहार की जनता को संबोधित करेंगे। इसके अलावा 4 और 5 मई को भी बिहार के विभिन्न जिलों में AIMIM की जनसभाएं आयोजित की जाएंगी।
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि तौसीफ आलम का AIMIM में शामिल होना सीमांचल की राजनीति में बड़ा असर डालेगा। यह कदम खासकर मुस्लिम बहुल इलाकों में AIMIM की पकड़ को मजबूत कर सकता है।
AIMIM की बढ़ती सक्रियता और सीमांचल की राजनीति में बदलाव के इस संकेत ने बिहार की सियासी फिजा को गर्म कर दिया है। आगामी दिनों में अन्य पार्टियों की रणनीति पर इसका प्रभाव पड़ना तय माना जा रहा है।