नए साल के दिन बिहार की पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के जन्मदिन पर सियासी हलकों में हलचल देखने को मिली, जब लंबे समय से परिवार से अलग-थलग चल रहे उनके बड़े बेटे तेजप्रताप यादव उनसे मिलने 10 सर्कुलर रोड स्थित आवास पहुंचे। इस दौरान तेजप्रताप ने मां के साथ केक काटा और आशीर्वाद लिया। इस मुलाकात के बाद लालू परिवार में संभावित सुलह को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं।
पूर्व मंत्री और जनशक्ति जनता दल के अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने राबड़ी देवी के साथ अपनी तस्वीरें सोशल मीडिया पर साझा कीं और भावुक संदेश लिखा। उन्होंने कहा कि उनकी मां पूरे परिवार की धुरी हैं और उनके बिना शर्त प्रेम और संघर्ष ने परिवार को संजोकर रखा। तेजप्रताप ने लिखा कि राबड़ी देवी उनकी सबसे बड़ी प्रेरणा हैं और उनका साया परिवार के लिए सौभाग्य है।
राबड़ी देवी के जन्मदिन को लालू परिवार आमतौर पर सादगी से मनाता रहा है, लेकिन इस बार तेजप्रताप यादव की मौजूदगी ने इस मौके को राजनीतिक रूप से खास बना दिया। तेजप्रताप की इस पहल के बाद यह सवाल उठने लगा है कि क्या परिवार के भीतर लंबे समय से चली आ रही दूरियां अब कम हो सकती हैं।
हालांकि, पार्टी के स्तर पर वापसी को लेकर स्थिति अभी स्पष्ट नहीं है। तेजप्रताप यादव पहले सार्वजनिक रूप से कह चुके हैं कि वह राष्ट्रीय जनता दल में दोबारा शामिल नहीं होंगे। उन्होंने इस संबंध में भगवद्गीता की शपथ भी ली थी। बावजूद इसके, परिवार के मसले पर उनका रुख पहले की तुलना में नरम दिख रहा है।
गौरतलब है कि बीते वर्ष 24 मई को तेजप्रताप यादव द्वारा अपने निजी रिश्ते को सार्वजनिक किए जाने के बाद विवाद खड़ा हो गया था। इसके अगले ही दिन आरजेडी अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने उन्हें पार्टी और परिवार से बाहर कर दिया था। इस फैसले का समर्थन उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने भी किया था।
इसके बाद तेजप्रताप यादव ने विधानसभा चुनाव से पहले ‘जनशक्ति जनता दल’ नाम से नई राजनीतिक पार्टी का गठन किया। उन्होंने कई सीटों पर उम्मीदवार उतारे, लेकिन पार्टी को चुनाव में कोई सफलता नहीं मिली। तेजप्रताप खुद भी वैशाली जिले की महुआ विधानसभा सीट से चुनाव हार गए थे।
उधर, राबड़ी देवी आज 67 वर्ष की हो गईं। उनका जन्म 1 जनवरी 1959 को गोपालगंज जिले में हुआ था। वर्ष 1997 से 2005 तक उन्होंने बिहार की मुख्यमंत्री के रूप में कार्य किया और वह राज्य की पहली तथा अब तक की एकमात्र महिला मुख्यमंत्री हैं। वर्तमान में वह बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष हैं।
नए साल और जन्मदिन के इस मौके पर तेजप्रताप यादव की मां से मुलाकात को केवल पारिवारिक घटना नहीं, बल्कि आने वाले समय में बिहार की राजनीति में संभावित बदलाव के संकेत के रूप में भी देखा जा रहा है।
