इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के पूर्व नेता और बिहार के पूर्व मंत्री तेज प्रताप यादव ने स्पष्ट किया है कि वह अब कभी भी आरजेडी में वापसी नहीं करेंगे। उन्होंने यह संकल्प भगवान श्री कृष्ण और गीता की कसम खाते हुए लिया है। तेज प्रताप ने कहा, “कोई भी मुझे बुलाए, मैं नहीं जाऊंगा।” उन्होंने यह भी कहा कि माता-पिता का स्थान अलग है और पार्टी का स्थान अलग, लेकिन अब उनका आरजेडी से कोई संबंध नहीं रहेगा।
तेज प्रताप ने अपनी नई पार्टी ‘जनशक्ति जनता दल’ के बैनर तले आगामी बिहार विधानसभा चुनाव में भाग लेने की घोषणा की है। उन्होंने कहा कि उनकी पार्टी का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, स्वास्थ्य और बेरोजगारी जैसे मुद्दों पर काम करना है। उन्होंने यह भी कहा कि वह महुआ विधानसभा क्षेत्र से चुनाव लड़ेंगे।
तेज प्रताप के इस बयान से बिहार की राजनीति में हलचल मच गई है। उनके इस कदम को आरजेडी के लिए एक बड़ा झटका माना जा रहा है, क्योंकि वह पार्टी के प्रमुख नेताओं में से एक रहे हैं।
तेज प्रताप के इस निर्णय से यह स्पष्ट हो गया है कि वह अब अपनी राजनीतिक यात्रा में एक नया मोड़ लेने जा रहे हैं। आने वाले चुनावों में उनकी पार्टी का प्रदर्शन यह तय करेगा कि उनका यह कदम कितना सफल होता है।
