इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
हसनपुर से विधायक और जनशक्ति जनता दल (JJD) अध्यक्ष तेजप्रताप यादव ने अपने छोटे भाई और आरजेडी नेता तेजस्वी यादव को सार्वजनिक रूप से नसीहत दी है। उन्होंने कहा कि दशहरे के मौके पर तेजस्वी को यह समझना चाहिए कि कौन राम है और कौन लक्ष्मण, और कब तक वह जयचंदों की बातों में आकर फैसले लेते रहेंगे।
तेजप्रताप ने पत्रकारों से कहा “छोटे भाई हैं तो उनको समझना चाहिए कि कौन राम है और कौन लक्ष्मण। हर चीज़ पर ध्यान देना चाहिए और बड़े भाई का सम्मान करना चाहिए। हो सकता है कि उन्हें जयचंद लोग जो बोल रहे हों, वही कर रहे हों। ऐसे में मैं तो यही कहूंगा कि अपने बुद्धि और विवेक का इस्तेमाल करें।”
जब उनसे पूछा गया कि तेजस्वी ने इंटरव्यू में कहा था कि उनके भैया चुनावों में उनके उम्मीदवारों के खिलाफ उम्मीदवार उतारते रहते थे, तब तेजप्रताप ने जवाब दिया, “2020 में मेरे साथ जो हुआ, सब लोग जानते हैं। जो जलने वाले हैं, वह जलते रहें। अब हम आरजेडी में नहीं हैं, हमको तो आगे बढ़ना है।”
जनशक्ति जनता दल की आगामी चुनावी रणनीति पर उन्होंने कहा कि गठबंधन सहयोगी दलों के साथ बातचीत जारी है और सीटों को लेकर जल्द ही अंतिम फैसला किया जाएगा।
तेजप्रताप ने देशवासियों को दशहरा, विजयादशमी, गांधी जयंती और लाल बहादुर शास्त्री जयंती की शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि वे गांधीजी के सिद्धांतों के अनुयायी हैं। वहीं आरएसएस के 100 साल पूरे होने पर उन्होंने कहा, “आरएसएस का देश की आजादी में कोई योगदान नहीं रहा है।”
तेजप्रताप और तेजस्वी के बीच यह खुला बयान उनके राजनीतिक रिश्तों और आगामी चुनावी रणनीति को लेकर सियासी सस्पेंस को और बढ़ाता है!
