इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
केरल के वायनाड जिले के कलपेट्टा पुलिस स्टेशन में 17 वर्षीय आदिवासी किशोर पी. गोकुल की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। गोकुल को एक नाबालिग लड़की के लापता होने के मामले में पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया था। मंगलवार सुबह, उसे पुलिस स्टेशन के बाथरूम में फांसी से लटका हुआ पाया गया।
घटना का विवरण
गोकुल, जो अंबलवायल के नेल्लारचल का निवासी था, को सोमवार शाम कोझीकोड से लापता लड़की के साथ पाया गया था। पुलिस दोनों को कलपेट्टा पुलिस स्टेशन ले गई, जहां लड़की को उसके परिवार को सौंप दिया गया, जबकि गोकुल को स्टेशन में रखा गया। मंगलवार सुबह, उसे बाथरूम में फांसी के फंदे से लटका हुआ पाया गया।
उम्र को लेकर विवाद
पुलिस रिकॉर्ड में गोकुल की उम्र 18 वर्ष दर्ज थी, लेकिन उसके स्कूल प्रमाणपत्र और आधार कार्ड के अनुसार, वह केवल 17 वर्ष का था। इससे पुलिस की ओर से उसकी उम्र के निर्धारण में लापरवाही का संकेत मिलता है।
राजनीतिक प्रतिक्रिया
कांग्रेस नेता रमेश चेन्निथला ने इस मामले में पुलिस की गंभीर लापरवाही का आरोप लगाते हुए न्यायिक जांच की मांग की है। उनका कहना है कि केवल अपराध शाखा की जांच पर्याप्त नहीं है, बल्कि न्यायिक जांच आवश्यक है।
वर्तमान स्थिति
राजनीतिक दलों और स्थानीय समुदाय ने इस घटना पर गहरा आक्रोश व्यक्त किया है और निष्पक्ष जांच की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और गोकुल के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
यह घटना पुलिस हिरासत में सुरक्षा और निगरानी की प्रक्रियाओं पर गंभीर सवाल उठाती है। स्थानीय समुदाय और मानवाधिकार संगठनों ने इस मामले में पारदर्शी और निष्पक्ष जांच की मांग की है।