20 साल तक विदेशी आय पर टैक्स माफी: तुर्किये का बड़ा दांव, खाड़ी निवेश को आकर्षित करने की कोशिश

तुर्किये ने वैश्विक निवेशकों और विदेशी नागरिकों को आकर्षित करने के लिए एक बड़ा आर्थिक कदम उठाया है। राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन ने एक नए वित्तीय प्रोत्साहन पैकेज का ऐलान किया है, जिसके तहत देश में आकर बसने वाले विदेशी नागरिकों को उनकी विदेश से होने वाली आय और पूंजीगत लाभ पर 20 वर्षों तक टैक्स से छूट दी जाएगी।

सरकार का कहना है कि इस योजना का उद्देश्य विदेशी पूंजी को आकर्षित करना और तुर्किये को एक प्रमुख निवेश केंद्र के रूप में स्थापित करना है। खास तौर पर खाड़ी देश से निकलने वाली पूंजी को ध्यान में रखते हुए यह कदम उठाया गया है।

योजना की मुख्य बातें

सरकारी प्रस्ताव के अनुसार, वे विदेशी नागरिक जो पिछले कम-से-कम तीन वर्षों से तुर्किये के कर निवासी नहीं रहे हैं, इस योजना का लाभ उठा सकेंगे। उन्हें विदेश में अर्जित आय जैसे निवेश से लाभ, डिविडेंड या अन्य अंतरराष्ट्रीय कमाई पर तुर्किये में कोई टैक्स नहीं देना होगा। हालांकि, देश के भीतर होने वाली आय पर सामान्य कर नियम लागू रहेंगे।

इसके साथ ही उत्तराधिकार और उपहार कर को भी काफी कम करने का प्रस्ताव रखा गया है, जिससे उच्च आय वर्ग के निवेशकों को अतिरिक्त राहत मिल सकती है।

व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा

विशेषज्ञों का मानना है कि यह योजना केवल टैक्स छूट तक सीमित नहीं है, बल्कि तुर्किये की व्यापक आर्थिक रणनीति का हिस्सा है। सरकार निर्यात बढ़ाने, विदेशी निवेश लाने और इस्तांबुल को वैश्विक वित्तीय केंद्र के रूप में विकसित करने पर जोर दे रही है।

पिछले कुछ समय से तुर्किये की अर्थव्यवस्था महंगाई, मुद्रा अवमूल्यन और निवेश में कमी जैसी चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे में यह प्रोत्साहन पैकेज आर्थिक गतिविधियों को गति देने की कोशिश के तौर पर देखा जा रहा है।

प्रतिस्पर्धा में आगे निकलने की कोशिश

दुनिया के कई देश विदेशी निवेश आकर्षित करने के लिए टैक्स छूट और विशेष योजनाएं पेश कर रहे हैं। तुर्किये की 20 साल की टैक्स छूट योजना अवधि और दायरे के लिहाज से काफी आक्रामक मानी जा रही है।

हालांकि, इस कदम को लेकर कुछ सवाल भी उठ रहे हैं। आर्थिक विशेषज्ञों का कहना है कि लंबे समय तक टैक्स छूट देने से सरकारी राजस्व पर दबाव पड़ सकता है। इसके अलावा, यह भी देखना होगा कि इस योजना से वास्तविक निवेश और रोजगार सृजन कितना होता है।

यह प्रस्ताव अभी प्रारंभिक चरण में है और इसे लागू होने के लिए संसद की मंजूरी आवश्यक होगी। यदि यह योजना लागू होती है, तो तुर्किये वैश्विक निवेशकों के लिए एक नया आकर्षण केंद्र बन सकता है।सरकार को उम्मीद है कि यह पहल देश की अर्थव्यवस्था को नई दिशा देगी, लेकिन इसकी सफलता इस बात पर निर्भर करेगी कि यह विदेशी पूंजी को कितनी मात्रा में आकर्षित कर पाती है।

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