उत्तर प्रदेश एंटी टेररिस्ट स्क्वाड (ATS) ने एक बेहद गंभीर राष्ट्रीय सुरक्षा मामले में कार्रवाई करते हुए आगरा निवासी नौसेना जवान आदर्श कुमार उर्फ़ “लकी” को पाकिस्तान की खुफ़िया एजेंसी ISI के लिए जासूसी और संवेदनशील जानकारी लीक करने के आरोप में गिरफ्तार किया है।
ATS के सूत्रों के अनुसार आदर्श कुमार Southern Naval Command, कोच्चि में तैनात था और उसने अपने डिजिटल प्लेटफ़ॉर्म के माध्यम से भारत की नौसेना और युद्धपोतों से जुड़ी गोपनीय जानकारी पाकिस्तान भेजी। जांच में यह भी खुलासा हुआ कि उसने अपने बैंक खातों से ISI एजेंट को पैसे भी ट्रांसफर किए।
कैसे हुआ खुलासा?
एटीएस को सूचना मिली थी कि नौसेना का एक जवान विदेशी खुफ़िया एजेंसियों के संपर्क में है। विस्तृत इलेक्ट्रॉनिक और फिजिकल निगरानी के बाद आरोपी की गतिविधियों की जांच की गई। डिजिटल लेनदेन और ऑनलाइन संवाद से पता चला कि आदर्श ने ISI के साथ नियमित संपर्क बनाए रखा और संवेदनशील जानकारी साझा की।
गिरफ्तारी और जांच
आदर्श कुमार को 10 मार्च 2026 को आगरा से गिरफ्तार किया गया। बाद में उसे अदालत में पेश कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। ATS मामले की तह तक जाने के लिए यह भी पता लगा रही है कि क्या कोई और व्यक्ति इस कथित जासूसी नेटवर्क का हिस्सा था।
हनीट्रैप का शक
जांच अधिकारियों का मानना है कि इसमें “हनीट्रैप” जैसी साजिश का भी इस्तेमाल किया गया हो सकता है। विदेशी एजेंटों ने सोशल मीडिया और अन्य प्लेटफ़ॉर्म के जरिए भावनात्मक और वित्तीय लालच देकर जवान को फँसाया।
राष्ट्रीय सुरक्षा पर प्रभाव
विशेषज्ञों के अनुसार यह मामला भारत की सुरक्षा और नौसेना की रणनीतिक क्षमताओं के लिए गंभीर खतरा है। पिछले कुछ वर्षों में कई ऐसे मामले सामने आए हैं, जिनमें संवेदनशील जानकारी पाकिस्तान पहुंची थी।