कुपवाड़ा,कश्मीर के कश्मीरी शॉल विक्रेता बिलाल अहमद गनी के साथ उधम सिंह नगर जिले के काशिपुर में कथित रूप से मारपीट और धमकियां दी गईं। आरोप है कि यह हमला बज्रंग दल के कुछ कार्यकर्ताओं ने किया।
घटना के अनुसार, गनी मौसम के अनुसार शॉल बेचने के लिए उत्तराखंड आते हैं और पिछले 8–10 वर्षों से यह व्यवसाय कर रहे हैं। सोमवार को कथित रूप से अंकुर सिंह के नेतृत्व में एक समूह ने उन्हें रोककर “भारत माता की जय” बोलने के लिए कहा। जब गनी ने इनकार किया, तो उनके साथ मारपीट की गई, शॉल का सामान छीना गया और उन्हें राज्य छोड़ने को कहा गया।
जम्मू-कश्मीर स्टूडेंट्स एसोसिएशन (JKSA) ने घटना की निंदा करते हुए उत्तराखंड के पुलिस महानिदेशक दीपम सेठ को पत्र लिखा। एसोसिएशन ने FIR दर्ज करने, दोषियों की पहचान और गिरफ्तारी, और पीड़ित व अन्य कश्मीरी व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है।
पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। हालांकि प्रारंभिक चरण में FIR दर्ज नहीं की गई है। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
राजनीतिक और सामाजिक नेताओं ने भी घटना की निंदा की है। पीडीपी अध्यक्ष मेहबूबा मुफ्ती और उनकी बेटी इल्तिजा मुफ्ती ने इसे बढ़ती असहिष्णुता और समाज में भय के वातावरण का संकेत बताया।
पिछले कुछ महीनों में उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश में कई कश्मीरी व्यापारियों को इसी तरह की धमकियां और मारपीट झेलनी पड़ी है। इस घटना ने एक बार फिर यह सवाल उठाया है कि क्या नागरिकों को उनकी धार्मिक या सामाजिक पहचान के आधार पर डराया-धमकाया जा रहा है।
