इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
देश के 15वें उपराष्ट्रपति सी.पी. राधाकृष्णन रविवार को अपने पहले बिहार दौरे पर हैं। पटना एयरपोर्ट पर उनका स्वागत राज्यपाल आरिफ मोहम्मद खान और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने किया। दौरे का मुख्य उद्देश्य बिहार की लोकतांत्रिक विरासत, साहित्यिक संस्कृति और धार्मिक आस्था को समेटे संदेश देना है।
उपराष्ट्रपति ने सुबह 10:55 बजे जेपी गोलंबर पहुंचकर लोकनायक जयप्रकाश नारायण की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की। जेपी को लोकतंत्र का प्रहरी माना जाता है। इस अवसर पर उपराष्ट्रपति ने बिहार की लोकतांत्रिक विरासत को याद करते हुए श्रद्धांजलि अर्पित की।
श्रद्धांजलि कार्यक्रम के बाद 11:10 बजे वे ‘उन्मेष: अंतरराष्ट्रीय साहित्य महोत्सव’ के समापन सत्र में शामिल हुए। तीन दिवसीय महोत्सव में देश-विदेश के साहित्यकार, कवि और कलाकार शामिल हुए। उपराष्ट्रपति के संबोधन को साहित्य और संस्कृति को नई दिशा देने वाला बताया जा रहा है।
पटना से मुजफ्फरपुर काफिले द्वारा रवाना हुए उपराष्ट्रपति का आगमन लगभग 1:00 बजे होने का अनुमान है। वे कटरा स्थित मां चामुंडा देवी मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। नवरात्रि के पावन माह में उनका यह दौरा धार्मिक आस्था और सांस्कृतिक जुड़ाव का संदेश देगा।
मंदिर और मार्ग के दोनों ओर 500 सुरक्षा बल, मजिस्ट्रेट और वरिष्ठ अधिकारी तैनात रहेंगे। मंदिर परिसर में मेटल डिटेक्टर, अस्थायी ठहराव कक्ष, शौचालय और वाई-फाई कनेक्टिविटी की व्यवस्था की गई है। भारतीय वायुसेना ने भदई चौक के पास हेलीपैड पर ट्रायल लैंडिंग की, और काफिले के मार्ग को डायवर्ट किया गया।
सी.पी. राधाकृष्णन 12 सितंबर 2025 को देश के 15वें उपराष्ट्रपति बने। इससे पहले वे BJP के वरिष्ठ नेता, तमिलनाडु प्रदेश अध्यक्ष और दो बार सांसद रह चुके हैं। उनका उपराष्ट्रपति पद पर कार्यकाल पांच साल का होगा।
इस दौरे के जरिए उपराष्ट्रपति ने लोकतांत्रिक विरासत, साहित्य और धार्मिक आस्था के तीनों पहलुओं को जोड़ते हुए बिहार को एक ऐतिहासिक संदेश दिया है।
