यंग डेमोक्रेट्स की राष्ट्रीय कार्यकारिणी समिति की सदस्य मदीहा रज़ा ने एमआई के बढ़ते दुरुपयोग पर गंभीर चिंता व्यक्त करते हुए सभी राज्य सरकारों से त्वरित और सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि नई तकनीकों का उपयोग संगठित तरीके से नफरत फैलाने, भ्रामक सामग्री तैयार करने और समाज में विभाजन पैदा करने के लिए किया जा रहा है, जो लोकतांत्रिक व्यवस्था के लिए चिंताजनक संकेत है।
रज़ा ने अपने बयान में कहा कि Centre for the Study of Organized Hate और Internet Freedom Foundation की हालिया रिपोर्टों में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि एआई आधारित साधनों के माध्यम से भड़काऊ कथानक, छेड़छाड़ की गई तस्वीरें तथा भ्रामक संदेश बड़े पैमाने पर तैयार कर विभिन्न सामाजिक मंचों पर प्रसारित किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां सामाजिक सद्भाव, संवैधानिक मूल्यों और सार्वजनिक विमर्श की गरिमा को प्रभावित कर रही हैं।
उन्होंने स्पष्ट किया कि तकनीकी प्रगति का उद्देश्य समाज के हित में होना चाहिए, न कि उसे नफरत और दुष्प्रचार का माध्यम बनाया जाए। उनके अनुसार, लोकतांत्रिक समाजों के लिए यह आवश्यक है कि वे उभरती तकनीकों के दुरुपयोग पर समय रहते प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित करें।
यंग डेमोक्रेट्स ने राज्य सरकारों से मांग की है कि एआई के दुरुपयोग और भ्रामक वीडियो जैसी प्रवृत्तियों पर रोक लगाने के लिए कठोर कानून बनाए जाएं। साथ ही नफरत फैलाने वाले अभियानों की पहचान और रोकथाम हेतु सुदृढ़ निगरानी तंत्र स्थापित किया जाए। संगठन ने सामाजिक माध्यम मंचों और तकनीकी सेवा प्रदाताओं की जवाबदेही तय करने तथा व्यापक डिजिटल साक्षरता अभियान चलाने की भी आवश्यकता जताई है, ताकि नागरिक भ्रामक सामग्री की पहचान कर सकें।
रज़ा ने कहा कि अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता की रक्षा और संगठित नफरत से नागरिकों की सुरक्षा—दोनों समान रूप से महत्वपूर्ण हैं। उन्होंने दोहराया कि यंग डेमोक्रेट्स समावेशी राजनीति, संवैधानिक मूल्यों और जिम्मेदार डिजिटल शासन के प्रति प्रतिबद्ध है।