“तेज प्रताप यादव पार्टी और परिवार से बाहर – लालू यादव का बड़ा फैसला, प्रेम के खुलासे ने मचाया सियासी भूचाल”

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

राष्ट्रीय जनता दल (आरजेडी) के अध्यक्ष लालू प्रसाद यादव ने शनिवार को अपने बड़े बेटे तेज प्रताप यादव को पार्टी और परिवार, दोनों से बाहर का रास्ता दिखा दिया है। यह कड़ा फैसला तेज प्रताप की एक हालिया सोशल मीडिया पोस्ट के बाद सामने आया, जिसमें उन्होंने एक महिला, अनुश्का यादव, के साथ 12 साल पुराने संबंध का दावा किया था।

तेज प्रताप ने अपनी पोस्ट में लिखा था, “मैं अनुश्का यादव के साथ 12 साल से रिश्ते में हूं और मैं यह बात काफी समय से आप सभी को बताना चाहता था।”

इस पोस्ट के बाद मीडिया और सोशल मीडिया पर तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आईं। कई सवाल उठे कि अगर तेज प्रताप इतने लंबे समय से किसी अन्य महिला के साथ रिश्ते में थे, तो उन्होंने 2018 में ऐश्वर्या राय से शादी क्यों की, जिसे बाद में छोड़ दिया गया।

इस पूरे मामले पर सफाई देते हुए तेज प्रताप ने कहा कि “मेरे सोशल मीडिया अकाउंट हैक कर लिए गए हैं। इन पोस्ट्स से मेरा कोई लेना-देना नहीं है। यह मुझे बदनाम करने की एक साज़िश है।”

हालांकि, लालू प्रसाद यादव ने इस पर सख्त रुख अपनाते हुए एक बयान जारी किया। उन्होंने कहा, “निजी जीवन में नैतिक मूल्यों का उल्लंघन हमारे सामाजिक न्याय की साझा लड़ाई को कमजोर करता है। मेरे बड़े बेटे तेज प्रताप की गतिविधियां, सार्वजनिक व्यवहार और गैर-जिम्मेदाराना रवैया हमारे पारिवारिक सिद्धांतों और मूल्यों के अनुकूल नहीं हैं। इसलिए मैं उन्हें पार्टी और परिवार से अलग कर रहा हूं। अब से वे पार्टी और परिवार में किसी भी भूमिका में नहीं रहेंगे। उन्हें पार्टी से छह साल के लिए निष्कासित किया जाता है।”

लालू यादव ने आगे लिखा, “अपनी निजी ज़िंदगी के अच्छे-बुरे पहलुओं को वे स्वयं देखें। जो लोग उनसे रिश्ता बनाए रखना चाहें, वे अपनी स्वेच्छा से निर्णय लें। मैंने हमेशा सार्वजनिक जीवन में लोकलाज का समर्थन किया है और परिवार के जिम्मेदार सदस्यों ने भी इस सिद्धांत को अपनाया है। धन्यवाद।”

तेज प्रताप की पोस्ट और लालू यादव का यह बयान बिहार की राजनीति में एक बड़ा तूफ़ान खड़ा कर चुका है। राष्ट्रीय जनता दल के आंतरिक मतभेद एक बार फिर उजागर हो गए हैं, जबकि विपक्षी दल इस मौके पर तीखी आलोचना कर रहे हैं।

अब देखने वाली बात यह होगी कि तेज प्रताप इस स्थिति से कैसे उबरते हैं और पार्टी इस संकट को किस प्रकार संभालती है।

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