“अब एक साथ दो डिग्रियों को मिलेगी मान्यता: जुलाई 2025 से लागू होंगी UGC की नई गाइडलाइंस”

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत यूनिवर्सिटी ग्रांट्स कमीशन (UGC) ने छात्रों को एक साथ दो फुल-टाइम डिग्री कोर्स करने की अनुमति दे दी है। यह नई गाइडलाइन जुलाई 2025 से देशभर में लागू होगी।

मुख्य बिंदु

छात्र अब एक साथ दो फुल-टाइम रेगुलर डिग्री, दो ऑनलाइन या ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ODL) डिग्री, या एक रेगुलर और एक ऑनलाइन/ODL डिग्री कर सकते हैं – बशर्ते दोनों कोर्स के समय एक-दूसरे से टकराते न हों।

दोनों डिग्रियां एक ही या अलग-अलग UGC-मान्यता प्राप्त संस्थानों से की जा सकती हैं।

पीएचडी कोर्स इस दायरे से बाहर रहेगा।

UGC ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिन छात्रों ने इन गाइडलाइनों के लागू होने से पहले एक साथ दो डिग्री की पढ़ाई की थी, अगर उन्होंने तय नियमों का पालन किया है, तो उनकी डिग्रियों को भी मान्यता दी जाएगी।

अन्य सुधार

मल्टी एंट्री/एग्ज़िट सिस्टम: 1 साल में सर्टिफिकेट, 2 साल में डिप्लोमा, 3 साल में ग्रेजुएशन, और 4 साल में ऑनर्स/ऑनर्स + रिसर्च डिग्री।

वर्ष में दो बार एडमिशन: जुलाई/अगस्त और जनवरी/फरवरी में।

अकादमिक बैंक ऑफ क्रेडिट्स (ABC): ऑनलाइन, ऑफलाइन या स्किल आधारित कोर्स के क्रेडिट को जमा और ट्रांसफर किया जा सकेगा।

पाठ्यक्रम में स्किल/वोकेशनल सब्जेक्ट्स को जोड़ा जाएगा।

शिक्षाविदों का मानना है कि यह कदम छात्रों के लिए शिक्षा को अधिक लचीला, व्यावहारिक और रोजगारपरक बनाएगा। इससे उच्च शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी परिवर्तन आएगा!

UGC के सभी मान्यता प्राप्त संस्थानों को जुलाई 2025 से पहले अपने टाइम टेबल, फैकल्टी प्लान, एग्ज़ाम शेड्यूल और एडमिशन पॉलिसी को अपडेट करना होगा ताकि दो डिग्री प्रणाली को सुचारु रूप से लागू किया जा सके।

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