“बिहार से लोकतंत्र को खत्म करने की साजिश: तेजस्वी यादव ने कांग्रेस के साथ प्रेस कांफ्रेंस कर मतदाता पुनरीक्षण पर उठाए गंभीर सवाल”

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहार विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी प्रसाद यादव ने मंगलवार को पटना में आयोजित एक संवाददाता सम्मेलन में बिहार में चल रहे मतदाता पुनरीक्षण अभियान को लेकर चुनाव आयोग और केन्द्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। तेजस्वी ने कहा कि “लोकतंत्र की जननी बिहार से ही अब लोकतंत्र को समाप्त करने की कोशिश हो रही है”, और यह पूरा अभियान गरीब, दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा, आदिवासी और अल्पसंख्यक मतदाताओं को वोट के अधिकार से वंचित करने की साजिश है।

तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग विपक्षी नेताओं को मिलने का समय तक नहीं दे रहा है, जबकि आयोग खुद असमंजस में है और अपने ही निर्देशों को बार-बार बदल रहा है। उन्होंने सवाल किया कि जब 25 दिनों में 8 करोड़ मतदाताओं तक पहुंचने की बात हो रही है तो यह कार्य लोकसभा चुनाव 2024 से पहले क्यों नहीं किया गया?

तेजस्वी ने कहा कि मतदाता पुनरीक्षण के लिए 11 प्रकार के दस्तावेज मांगे जा रहे हैं, लेकिन सरकार और आयोग यह नहीं बता पा रहे हैं कि इन दस्तावेजों के कितने प्रतिशत लोगों के पास उपलब्ध हैं। उन्होंने पूछा, “जो लोग पलायन कर चुके हैं, जिनके पास जन्म प्रमाण पत्र, आवासीय प्रमाण पत्र, बोर्ड सर्टिफिकेट, भूमि कागजात आदि नहीं हैं, वे वोटर लिस्ट में कैसे बने रहेंगे?”

तेजस्वी ने इस प्रक्रिया को संविधान के खिलाफ बताया और कहा कि इसमें गरीबों की नागरिकता तक पर सवाल खड़े किए जा रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मतदाता सूची से नाम हटे तो लोगों की राशन, पेंशन और छात्रवृत्ति जैसी योजनाओं पर भी असर पड़ेगा।

कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने भी इस मुद्दे पर केन्द्र सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि इसी वोटर लिस्ट पर 2024 के लोकसभा चुनाव हुए, लेकिन अब इसी सूची को अवैध ठहराया जा रहा है। राजेश राम ने दावा किया कि “सरनेम देखकर लोगों के नाम हटाए जाएंगे क्योंकि केन्द्र और राज्य सरकार की मंशा साफ नहीं है।”

तेजस्वी यादव ने एनडीए के नेताओं पर निशाना साधते हुए पूछा कि जब लाखों गरीब मतदाता खतरे में हैं, तब वे चुप क्यों हैं। उन्होंने बताया कि पुनरीक्षण के छह दिन बीतने के बावजूद “99.99% लोगों तक अभी कर्मचारी पहुंचे ही नहीं हैं।”

तेजस्वी ने दो टूक कहा कि ये प्रक्रिया वैध मतदाताओं को अवैध साबित करने का प्रयास है और इसे हर हाल में रोका जाना चाहिए। उन्होंने मांग की कि चुनाव आयोग तत्काल सर्वदलीय बैठक बुलाए और पारदर्शिता सुनिश्चित करे।

इस मौके पर कांग्रेस विधायक दल के नेता डॉ. शकील अहमद खान, राजद के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव अब्दुलबारी सिद्दिकी, पूर्व केन्द्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव, राज्यसभा सांसद संजय यादव, विधान पार्षद कारी मोहम्मद सोहैब, राजद के मुख्य प्रवक्ता शक्ति सिंह यादव, एजाज अहमद, कांग्रेस प्रवक्ता राजेश सिंह राठौर सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे।

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