इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
मैनपुरी के किशनी नगर की वार्ड संख्या 4 निवासी दलित महिला उमा देवी ने स्थानीय पार्षदों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि पार्षद अमित कुमार और रवि पाल उनके परिवार को जान से मारने की धमकी दे रहे हैं और रोज़ाना समझौते का दबाव बना रहे हैं। न्याय की तलाश में उन्होंने मैनपुरी के पुलिस अधीक्षक (SP) से शिकायत दर्ज कराई।
शिकायत के मुताबिक, 4 सितंबर 2025 को उमा देवी के पति बकरियाँ चराने निकले थे। बकरियों ने पार्षदों के घर के पास बने कुलवर पर गंदगी कर दी। इस पर नाराज़ होकर दोनों पार्षदों ने उनके पति को गालियाँ दीं और धमकाते हुए कहा कि सड़क तुरंत साफ करो, नहीं तो अंजाम भुगतना पड़ेगा। डर के कारण उमा देवी ने खुद सार्वजनिक सड़क की सफाई की। पूरा मामला CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हुआ।
उमा देवी का आरोप है कि जब वह किशनी थाने पहुँचीं और लिखित शिकायत देने की कोशिश की, तो उनकी फरियाद को नज़रअंदाज़ कर दिया गया। उनका कहना है कि आरोपी पार्षद लगातार उन्हें धमका रहे हैं और कहते हैं कि यदि मामला खत्म नहीं किया तो पूरे परिवार को जान से मार देंगे।
मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक मैनपुरी ने किशनी थाना पुलिस को तत्काल जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पीड़िता को भरोसा दिलाया कि घटना से जुड़े सबूतों और CCTV फुटेज की जांच की जाएगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी।
यह मामला न सिर्फ़ स्थानीय राजनीति बल्कि प्रशासनिक जवाबदेही पर भी सवाल खड़ा करता है। दलित महिला का आरोप है कि थाने में उसकी शिकायत दर्ज तक नहीं की गई, जबकि आरोपी जनप्रतिनिधि खुलेआम दबाव बना रहे हैं। अब सबकी निगाहें इस बात पर हैं कि पुलिस जांच किस दिशा में जाती है और पीड़िता को न्याय कब तक मिलता है।
