इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
बिहार के समस्तीपुर जिले के जितवारपुर कॉलेज मैदान में शुक्रवार को देर शाम आयोजित एक विशाल जनसभा में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने अपनी ‘बिहार अधिकार यात्रा’ के तहत राज्य की मौजूदा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने बेरोजगारी, महंगाई, भ्रष्टाचार, किसानों की दुर्दशा और महिलाओं की सुरक्षा जैसे मुद्दों को प्रमुखता से उठाया।
तेजस्वी यादव ने रोसड़ा के टावर चौक पर आयोजित जनसभा में कहा, “राजनीति में मैं बच्चा जरूर हूं, लेकिन कच्चा नहीं हूं।” उन्होंने वादा किया कि यदि उनकी सरकार बनी तो रोसड़ा को जिला बनाया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि उनकी सरकार युवाओं को रोजगार, महिलाओं को सुरक्षा और किसानों को सम्मान प्रदान करेगी।
तेजस्वी ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर हमला बोलते हुए कहा कि वे “थक चुके हैं और समय-समय पर पलटी मारते रहते हैं।” उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह पर भी निशाना साधते हुए कहा कि वे गुजरात में कारखाने लगाते हैं, लेकिन बिहार में केवल वोट मांगते हैं।
तेजस्वी ने जनता से आह्वान करते हुए कहा, “2025 में बहुत हुए नीतीश, अब बिहार बदलाव चाहता है।” उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार बनी तो बिहार में उद्योग-कारखाने स्थापित किए जाएंगे, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ेंगे।
कार्यक्रम में तेजस्वी का भव्य स्वागत किया गया। स्थानीय विधायक और बिहार विधानसभा के मुख्य सचेतक अख्तरुल इस्लाम शाहीन ने केवस लख्खी चौक से 750 बाइक और 25 घोड़ों के साथ उन्हें रिसीव किया। जितवारपुर चौक पर एक दर्जन जेसीबी मशीनों से फूलों की वर्षा की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता राजद जिलाध्यक्ष रोमा भारती ने की, जबकि संचालन शाहीन ने किया।
रोसड़ा में तेजस्वी को चांदी के मुकुट से सम्मानित किया गया। स्थानीय नेता कारी सोहेब ने उन्हें यह सम्मान प्रदान किया। तेजस्वी ने कहा कि उनकी सरकार बनी तो सभी युवाओं को रोजगार मिलेगा।
राजद जिलाध्यक्ष रोमा भारती ने कहा कि नीतीश सरकार की उलटी गिनती शुरू हो चुकी है। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव के बाद तेजस्वी यादव के नेतृत्व में महागठबंधन की सरकार बनेगी। जिला राजद प्रवक्ता राकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि तेजस्वी को बिहार की जनता अपने भविष्य के रूप में देख रही है।
तेजस्वी यादव की ‘बिहार अधिकार यात्रा’ राज्य की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित हो सकती है, जो आगामी विधानसभा चुनावों में महागठबंधन की स्थिति को मजबूत कर सकती है।
बीजेपी और जेडीयू ने इस यात्रा को केवल चुनावी प्रचार करार दिया है और आरोप लगाया है कि इसमें आम जनता की भागीदारी नहीं है, बल्कि केवल वे लोग शामिल हैं जो आगामी विधानसभा चुनाव में टिकट की आशा रखते हैं।
तेजस्वी यादव की इस यात्रा से आगामी विधानसभा चुनावों में सियासी तापमान और बढ़ने की संभावना है।
