इंसाफ़ टाइम्स डेस्क
दिल्ली पुलिस ने रविवार को आगरा से स्वामी चैतन्यानंद सरस्वती, उर्फ पार्थ सारथी, को गिरफ्तार किया। उन पर राजधानी के श्री शारदा इंस्टीट्यूट ऑफ इंडियन मैनेजमेंट एंड रिसर्च में पोस्ट-ग्रेजुएट डिप्लोमा इन मैनेजमेंट (PGDM) करने वाली 17 छात्राओं के साथ यौन उत्पीड़न और शारीरिक शोषण का आरोप है।
पुलिस के अनुसार, चैतन्यानंद रात के समय छात्राओं को अपने कमरे में बुलाकर उन्हें ग्रेड कम करने या फेल करने की धमकी देता था और उनका शारीरिक शोषण करता था। जांच में यह भी सामने आया कि उसने छात्राओं के मोबाइल और वॉट्सऐप चैट्स से अश्लील संदेश भेजने और प्राप्त करने के सबूत मिटाने के लिए संस्थान की तीन महिला वार्डनों का सहयोग लिया। लगभग 50 छात्राओं के फोन और 16 सालों के चैट रिकॉर्ड में आरोपी के शोषण की गंभीर घटनाएं दर्ज हैं।
आरोपी ने गिरफ्तारी से बचने के लिए कई ठिकानों पर छुपने की कोशिश की और अपनी पहचान बदलने के लिए फर्जी पासपोर्ट और दस्तावेज़ भी बनाए। उसके पास से लाल रंग की लग्जरी वॉल्वो कार भी बरामद हुई, जिस पर फर्जी संयुक्त राष्ट्र (UN) का लोगो लगा था। पुलिस ने डीवीआर फॉरेंसिक जांच के लिए जब्त कर लिया है।
पुलिस ने आरोपी के एक सहयोगी हरी सिंह को भी उत्तराखंड से गिरफ्तार किया है। हरी सिंह पर पीड़िता के पिता को धमकाकर केस वापस लेने का दबाव डालने का आरोप है।
दिल्ली पुलिस ने चैतन्यानंद को पांच दिन की पुलिस हिरासत में भेजा है। अधिकारियों का कहना है कि जांच में इस पूरे मामले के प्रशासनिक और सुरक्षा पहलुओं पर भी ध्यान दिया जाएगा।
यह मामला न केवल यौन उत्पीड़न की गंभीरता को उजागर करता है, बल्कि शिक्षा संस्थानों में सुरक्षा और प्रशासनिक जिम्मेदारी पर भी सवाल खड़ा करता है।
