भोरे में प्रीति किन्नर की उम्मीदवारी: थर्ड जेंडर से पहली बार विधानसभा में, शिक्षा मंत्री को टक्कर

इंसाफ़ टाइम्स डेस्क

बिहार विधानसभा चुनाव 2025 के लिए जन सुराज पार्टी ने गोपालगंज जिले की भोरे विधानसभा सीट से प्रीति किन्नर को उम्मीदवार बनाया है। यह सीट एससी सुरक्षित है और इस घोषणा के बाद क्षेत्र में समर्थकों और आम जनता में उत्साह की लहर दौड़ गई है।

प्रीति किन्नर थर्ड जेंडर समुदाय से होने वाली पहली उम्मीदवारों में से एक हैं। पिछले दो दशकों से सामाजिक कार्यों में सक्रिय, उन्होंने गरीब लड़कियों की शादी करवाई है, युवाओं के खेल और सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भाग लिया है और जरूरतमंदों की मदद में हमेशा आगे रही हैं। उनका यह अनुभव उन्हें समाज के वंचित और पिछड़े वर्ग के बीच लोकप्रिय बनाता है।

भोरे विधानसभा सीट वर्तमान में जदयू के सुनील कुमार (शिक्षा मंत्री) के पास है। इस बार मुकाबला त्रिकोणीय होने की संभावना है और प्रीति किन्नर की उम्मीदवारी इसे और दिलचस्प बनाती है। समर्थकों का मानना है कि वे गरीब और पिछड़े वर्ग के मुद्दों को विधानसभा तक मजबूती से पहुंचाएंगी।

हाल ही में उनके जाति प्रमाण को लेकर विवाद उठा था। कुछ नेताओं ने आरोप लगाया कि प्रीति किन्नर दलित समुदाय से नहीं हैं। इस पर प्रीति ने स्पष्ट किया कि वे पासवान जाति से हैं और इस सीट पर चुनाव लड़ने के योग्य हैं। जन सुराज पार्टी ने भी आरोपों को राजनीतिक साजिश करार दिया है।

जन सुराज के प्रमुख प्रशांत किशोर ने प्रीति किन्नर पर पूरा भरोसा जताया है। पार्टी ने बिहार की सभी 243 सीटों पर अकेले चुनाव लड़ने का ऐलान किया है और अपनी पहली सूची में 51 उम्मीदवारों के नाम घोषित किए हैं।

प्रीति किन्नर की उम्मीदवारी न केवल राजनीति में बल्कि सामाजिक दृष्टि से भी बदलाव का प्रतीक मानी जा रही है। उनके समर्थक इसे बिहार की राजनीति में बदलाव की शुरुआत मान रहे हैं और अब यह देखने वाली बात होगी कि भोरे की जनता इस साहसिक राजनीतिक प्रयोग को किस रूप में स्वीकार करती है।

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