अखिलेश यादव ने SIR को बताया लोकतंत्र की बड़ी साजिश, BJP और ECI पर लगाया गंभीर आरोप

समाजवादी पार्टी (सपा) अध्यक्ष अखिलेश यादव ने देशभर में चल रहे विशेष गहन मतदान-पंजिका पुनरीक्षण (SIR) को लोकतंत्र के साथ धोखा करार दिया है। उन्होंने इसे “बड़ी साजिश” बताते हुए कहा कि यह सिर्फ मतदाता सूची तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि भविष्य में राशन कार्ड, जमीन-जायदाद, जाति प्रमाण पत्र, आरक्षण, बैंक खाते और लॉकर्स तक प्रभावित हो सकते हैं।

गुरुवार शाम अपने आधिकारिक X हैंडल पर 20 सेकंड का वीडियो साझा करते हुए यादव ने विपक्षी दलों और NDA के सहयोगी दलों से अपील की कि वे मिलकर भाजपा की “मेगा साजिश” का विरोध करें। उन्होंने चेतावनी दी, “आज वोट काटे जा रहे हैं, कल नाम जमीन के रिकॉर्ड से हटाए जाएंगे और फिर अन्य नागरिक दस्तावेज़ों पर भी कब्ज़ा किया जा सकता है। यह लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरा है।”

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि भाजपा, उसके सहयोगी दल, राज्य सरकार और चुनाव आयोग के कुछ भ्रष्ट अधिकारी मिलकर पूरे मतदान तंत्र पर नियंत्रण करना चाहते हैं। उन्होंने कहा कि अगर यह प्रक्रिया इसी तरह जारी रही, तो स्थिति उपनिवेशकाल से भी खराब हो सकती है।

चुनाव आयोग ने SIR का बचाव करते हुए कहा है कि यह एक नियमित संवैधानिक प्रक्रिया है, जिसका उद्देश्य मतदाता सूची को अद्यतन करना और नए एवं प्रवासी मतदाताओं को सूची में शामिल करना है।

SIR वर्तमान में 9 राज्यों और 3 केंद्र शासित प्रदेशों में चल रही है। सपा ने समय-सीमा बढ़ाने और प्रक्रिया को पारदर्शी तरीके से पूरा करने की मांग की है। पार्टी का कहना है कि अगर यह प्रक्रिया बिना निगरानी के पूरी हुई, तो यह केवल मतदाता सूची सुधार नहीं होगा, बल्कि लोकतंत्र और नागरिक अधिकारों पर गंभीर खतरा बन जाएगा।

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